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मनी लॉन्ड्रिंग मामला: ED ने कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार को किया गिरफ्तार

मनी लॉन्ड्रिंग मामला: ED ने कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार को किया गिरफ्तार

हाईलाइट

  • शिवकुमार सोमवार को ईडी के समक्ष तीसरी बार पेश हुए थे
  • शिवकुमार के खिलाफ राज्य बीजेपी ने मामला दर्ज कराया था
  • जांच एजेंसी ने आय से अधिक संपत्ति का भी मामला दर्ज किया है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कर्नाटक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार कर लिया है। ED ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मनी लॉन्ड्रिंग मामले में डीके को गिरफ्तार किया है। बता दें कि इससे पहले लगातार चार दिनों से मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में डीके शिवकुमार से पूछताछ की जा रही थी। डीके शिवकुमार के खिलाफ राज्य बीजेपी ने मामला दर्ज कराया था। 

इससे पहले भी हुई पूछताछ
शिवकुमार सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष कथित धनशोधन (मनी लॉ्ड्रिरंग) मामले में तीसरी बार पूछताछ के लिए पेश हुए थे। इस दौरान डीके शिवकुमार ने कहा था कि मैंने किसी से एक पैसा भी नहीं लिया है। मैं जांच में पूरी तरह से सहयोग कर रहा हूं। डीके पर आरोप है कि उन्होंने सात करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग की है। डी के शिवकुमार से मनी लॉड्रिंग के एक मामले में शुक्रवार को ईडी ने चार घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। वहीं शनिवार को 12 घंटे से अधिक समय तक कांग्रेस नेता से पूछताछ की।

पिछले साल मामला हुआ था दर्ज
ईडी ने पिछले साल सितंबर में शिवकुमार, नई दिल्ली के कर्नाटक भवन के कर्मचारी हनुमंतैया और कुछ अन्य के खिलाफ धनशोधन का मामला दर्ज किया था। ईडी ने शिवकुमार और अन्य के खिलाफ मनी लांड्रिंग का मामला दर्ज किया था। रिपोर्ट के अनुसार यह मामला कथित कर चोरी और हवाला लेनदेन मामले के आधार पर दर्ज किया गया है। 

करोड़ों रुपए की कर चोरी
ईडी का मामला आयकर विभाग द्वारा पिछले साल बेंगलुरु की एक विशेष अदालत के समक्ष दायर एक आरोपपत्र पर आधारित है जिसमें करोड़ों रुपए की कर चोरी और हवाला लेनदेन का आरोप लगाया गया था। वहीं साल 2017 में उनके 64 ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। उनके खिलाफ जांच एजेंसी ने आय से अधिक संपत्ति का भी मामला दर्ज किया है। वहीं कांग्रेस नेता इस कार्रवाई को बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताते रहे हैं। 
 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।