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MP: हनी ट्रैप मामले की जांच के लिए SIT गठित, इंजीनियर हरभजन सिंह निलंबित

September 24th, 2019 13:09 IST

हाईलाइट

  • हनीट्रैप मामले की जांच के लिए आईजी श्रीनिवास वर्मा के नेतृत्व में गठित की गई एसआईटी
  • मामले में इंदौर नगर निगम के इंजीनियर हरभजन सिंह को निलंबित कर दिया गया

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश के हाई प्रोफाइल हनीट्रैप मामले की जांच के लिए पुलिस मुख्यालय ने आईजी (सीआईडी) श्रीनिवास वर्मा के नेतृत्व में एसआईटी का गठित की है। मंगलवार से इस पूरे मामले की जांच एसआईटी करेगी। वहीं इस केस में इंदौर नगर निगम के इंजीनियर हरभजन सिंह को निलंबित कर दिया गया है।

मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा बताया गया कि, इन्दौर के पलासिया पुलिस थाना क्षेत्र में 17 सितंबर को एक व्यक्ति की शिकायत पर दर्ज किये गये मामले की जांच के लिये पुलिस महानिदेशक विजय कुमार सिंह ने एसआईटी गठित की है। एसआईटी का गठन पुलिस मुख्यालय में पदस्थ पुलिस महानिरीक्षक, (सीआईडी) डी श्रीनिवास वर्मा के नेतृत्व में किया गया है। 

मामले की सीबीआई जांच करवाने को लेकर सोमवार को हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में दो याचिकाएं भी दायर की गईं। दिग्विजय भंडारी ने वकील मनोहर दलाल के माध्यम से याचिका दायर की, जिसमें मांग की गई है कि मामले से जुड़े सभी वीडियो, सीडी, मोबाइल, कंप्यूटर, लैपटॉप और सीसीटीवी फुटेज को तत्काल कोर्ट की देखरेख में लिया जाए। याचिका में कहा गया, मामला हाई प्रोफाइल है, इसलिए सबूतों के साथ छेड़छाड़ हो सकती है या फिर नष्ट किया जा सकता है। 

एक अन्य याचिका विपिन शर्मा ने वकील नरेन्द्र कुमार जैन के माध्यम से दायर की है। इसमें इंदौर नगर निगम के इंजीनियर हरभजन सिंह को आरोपी बनाने की मांग की गई है। दोनों याचिकाओं में मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग भी की गई है।

गौरतलब है कि पुलिस ने इंदौर नगर निगम के इंजीनियर हरभजन सिंह की शिकायत पर हनी ट्रैप गिरोह का खुलासा किया था। गिरोह की पांच महिलाओं समेत छह सदस्यों को भोपाल और इंदौर से गिरफ्तार किया गया था। नगर निगम अधिकारी ने पुलिस को बताया, गिरोह ने उनके आपत्तिजनक वीडियो क्लिप वायरल करने की धमकी देकर उनसे तीन करोड़ रुपये की मांग की थी। गिरोह पर संदेह है कि, वह राजनेताओं और नौकरशाहों समेत कई प्रभावशाली लोगों को अपने जाल में फंसा चुका है। इस बारे में जांच जारी है। गिरोह के गिरफ्तार आरोपियों में श्वेता विजय जैन के अलावा, आरती दयाल, बरखा सोनी, मोनिका यादव, श्वेता स्वप्निल जैन और उनका चालक ओमप्रकाश कोरी शामिल हैं।

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।