दैनिक भास्कर हिंदी: एमपी के कानून मंत्री बोले- कांग्रेस नेताओं पर दर्ज राजनैतिक मुकदमे वापस लेंगे

December 29th, 2018

हाईलाइट

  • मध्य प्रदेश के कानून मंत्री पीसी शर्मा ने कहा- कांग्रेस नेताओं पर दर्ज हुए राजनैतिक मामले समीक्षा कर वापस लिए जाएंगे।
  • पीसी शर्मा ने बताया- विधि विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर इसके लिए प्रस्ताव सीएम को भेजा जाएगा
  • मध्य प्रदेश में शुक्रवार को बंटे हैं मंत्रियों को विभाग, पीसी शर्मा को मिली है कानून विभाग की जिम्मेदारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश के कानून मंत्री पीसी शर्मा अपना विभाग सम्भालते ही पूरी तरह एक्शन में नजर आ रहे हैं। पीसी शर्मा का एक बयान सामने आया है, जिसमें वे कांग्रेस नेताओं के खिलाफ दर्ज हुए राजनैतिक मामले वापस लिए जाने की बात कहते नजर आ रहे हैं। पीसी शर्मा ने कहा है कि राज्य में जितने भी कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और नेताओं पर बीजेपी सरकार के विरोध में प्रदर्शन के दौरान जो पुलिस केस दर्ज हैं उन्हें समीक्षा कर वापस लिए जाएंगे।

पीसी शर्मा ने कहा है, 'बीजेपी की 15 साल की सरकार के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर जबरन मामले दर्ज किए गए। हम लोग सरकार की गलत नीतियों को विरोध करते थे। ये सभी राजनैतिक मुकदमे हैं। मेरे खिलाफ कई मामले हैं, कैबिनेट के हमारे कई मंत्रियों के खिलाफ भी मामले दर्ज हैं, जो कि गलत हैं। अब राज्य में कानून का राज है। इसलिए ऐसे मामले वापस लिए जाने चाहिए।'

पीसी शर्मा ने कहा, 'पुलिस अधिकारियों, विधि विभाग के अधिकारियों से चर्चा की जाएगी कि कैसे यह केस वापस लिए जा सकते हैं। इसके बाद एक प्रस्ताव तैयार कर सीएम को भेजा जाएगा। बीजेपी की 15 साल की वैमनस्यता की वजह से ये मामले दर्ज हुए है। इन्हें समीक्षा कर वापस लिया जाएगा।'

 

 

इसके साथ ही पीसी शर्मा ने बताया कि कई अधिकारियों, किसानों, वकीलों, पत्रकारों के खिलाफ भी बेवजह केस दर्ज हुए हैं, उन्हें भी समीक्षा कर हटाए जाने के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। 

शर्मा ने यह भी कहा कि राज्य सरकार पत्रकार, डॉक्टर और वकीलों के लिए सुरक्षा अधिनियम भी बनाएगी। उन्होंने कहा, पत्रकार बड़ी कठिन परिस्थियों में काम करते हैं, वे जरूरी मुद्दे उठाते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

राज्य में बढ़ते रेप की घटनाओं पर भी पीसी शर्मा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चियों से दुष्कर्म करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा जल्द देने के लिए इन मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी।