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मुंबई प्लेन क्रैश : बगैर सर्टिफिकेट के उड़ रहा था 26 साल पुराना जहाज

June 30th, 2018 00:19 IST

हाईलाइट

  • एक 26 साल पुराना चार्टर्ड प्लेन घाटकोपर जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में एक निर्माणाधीन बिल्डिंग पर जा गिरा।
  • प्लेन सवार चार लोगों की दर्दनाक तरीके से मौत हो गई।
  • 26 साल पुराना प्लेन बगैर सर्टिफिकेट के उड़ रहा था।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। गुरूवार को मुंबई के घाटकोपर इलाके में हुए एक बड़े हादसे ने पूरी मायानगरी को हिलाकर रख दिया। यहां एक 26 साल पुराना चार्टर्ड प्लेन घाटकोपर जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में एक निर्माणाधीन बिल्डिंग पर जा गिरा। इस हादसे में प्लेन सवार चार लोगों की दर्दनाक तरीके से मौत हो गई। वहीं इस प्लेन की चपेट में आने से एक राहगीर भी अपनी जान गंवा बैठा। मामले की जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। वो यह है कि यह 26 साल पुराना प्लेन बगैर सर्टिफिकेट के उड़ रहा था।



उड़ान-योग्यता का सर्टिफिकेट नहीं था
यह प्लेन यूपी सरकार का था, जिसने इसे पुणे की एक कंपनी ने खरीद लिया था। इसके बाद इस कंपनी ने भी इसे मुंबई स्थित यू वाई एविएशन प्राइवेट लिमिटेड को इसे बेच दिया। यह कंपनी ही प्लेन की मौजूदा मालिक थी। यूवी एविशन के अकाउंटेबल मैनेजर, अनिल चौहान ने कहा, 'हालांकि जहाज के मालिक हम हैं लेकिन यह इंडैमर कंपनी की निगरानी में था। यह जहाज अभी हमें सौंपा नहीं गया था, इसके पास उड़ान-योग्यता का सर्टिफिकेट नहीं था।'

6 साल से बंद पड़ा था ये प्लेन
जानकारी के अनुसार हवा में गोते खाकर एक निर्माणाधीन बिल्डिंग पर क्रैश होने वाला यह विमान करीब 6 साल से बंद पड़ा हुआ था। यूवी एविशन के अकाउंटेबल मैनेजर, अनिल चौहान ने कहा कि जहाज करीब डेढ़ साल से मैनटेनंस कंपनी इंडैमर (Indamer) के हैंगर (जहां जहाज खड़े किए जाते हैं) में था। वहीं एक वरिष्ठ कमांडर ने कहा, 'टेस्ट फ्लाइट को खराब वातावरण में नहीं किया जाता। जब यह जहाज उड़ा तो मुंबई में भारी बारिश हो रही थी। यह सही परिस्थिति नहीं थी। टेस्ट फ्लाइट को टाला जा सकता था।'



बाल-बाल बचे 35 मजदूर
गौरतलब है कि इस प्लेन क्रैश में दोनों पायलट, कैप्टन प्रदीपर राजपूत और कैप्टन मारिया जुबेरी के साथ ही मेनटेनंस इंजिनियर सुरभि गुप्ता और जूनियर तकनीशियन मनीष पांडे की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इसके अलावा हवाई जहाज क्रैश होने के बाद फ्यूल टैंक में आग लगने से गोविंद दुबे की भी मौत हो गई। हादसे के वक्त इमारत में काम कर रहे 35 मजदूर लंच ब्रेक के दौरान बिल्डिंग के बेसमेंट में खाना खा रहे थे।

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।