दैनिक भास्कर हिंदी: मोदी सरकार ने हर राफेल जेट पर 1100 करोड़ एक्स्ट्रा चुकाए : राहुल गांधी

March 17th, 2018

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर राफेल डील को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। राहुल ने ट्वीट कर आरोप लगाया, 'एक तरफ जहां सेना अधिक बजट की मांग कर रही है, वहीं राफेल सौदे के कारण सरकारी खजाने को 36 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।' राहुल ने अधिक भुगतान के इस आंकड़े के लिए यूपीए के समय करीब 570 करोड़ रुपये प्रति जेट की खरीद कीमत पर बनी सहमति का हवाला देते हुए मोदी सरकार द्वारा इसे 1670 करोड़ रुपये में खरीदे जाने की बात उठाई।

राहुल ने ट्वीट किया, ‘डसाल्ट द्वारा जारी रिपोर्ट में सरकार के झूठ का खुलासा हुआ है, राफेल विमान के लिए जहां कतर को 1319 करोड़ चुकाने पड़े तो वहीं मोदी सरकार ने 1670 करोड़ रुपए चुकाए, जबकि मनमोहन सरकार के समय यह 570 करोड़ में मिल रहा था।’ राहुल गांधी ने लिखा, ऐसे में भारत अब इसके लिए प्रत्येक विमान पर 1100 करोड़ रुपये ज्यादा या कहे कि पूरे डील के लिए लगभग 36 हजार करोड़ रुपये ज्यादा दे रहा है। यह रकम हमारे डिफेंस बजट का लगभग 10 प्रतिशत बैठ रही है। इन आंकड़ों के साथ ही राहुल गांधी ने डसाल्ट की रिपोर्ट की तस्वीरें भी शेयर की है। इसमे लिखा है, भारतीय सेना को आधुनिकीकरण के लिए भीख मांगनी पड़ रही है।

 

 



क्या है राफेल डील? 
भारत ने 2010 में फ्रांस के साथ राफेल फाइटर जेट खरीदने की डील की थी। उस वक्त यूपीए की सरकार थी और 126 फाइटर जेट पर सहमित बनी थी। इस डील पर 2012 से लेकर 2015 तक सिर्फ बातचीत ही चलती रही। इस डील में 126 राफेल जेट खरीदने की बात चल रही थी और ये तय हुआ था कि 18 प्लेन भारत खरीदेगा, जबकि 108 जेट बेंगलुरु के हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड में असेंबल होंगे यानी इसे भारत में ही बनाया जाएगा। फिर अप्रैल 2015 में मोदी सरकार ने पेरिस में ये घोषणा की कि हम 126 राफेल फाइटर जेट को खरीदने की डील कैंसिल कर रहे हैं और इसके बदले 36 प्लेन सीधे फ्रांस से ही खरीद रहे हैं और एक भी राफेल भारत में नहीं बनाया जाएगा।