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बिहार उपचुनाव में राजग को झटका, एआईएमआईएम ने खोला खाता (राउंडअप)

October 24th, 2019 19:30 IST
 बिहार उपचुनाव में राजग को झटका, एआईएमआईएम ने खोला खाता (राउंडअप)

हाईलाइट

  • बिहार उपचुनाव में राजग को झटका, एआईएमआईएम ने खोला खाता (राउंडअप)

पटना, 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार में एक लोकसभा सीट और पांच विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को जहां झटका लगा है, वहीं असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने बिहार विधानसभा में अपना खाता खोल लिया है। इस उपचुनाव में राजद को भी संजीवनी मिली है।

समस्तीपुर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में राजग की ओर से लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) ने जहां अपना कब्जा बरकरार रखा है, वहीं पांच विधानसभा सीटों में से एक सीट पर एआईएमआईएम के प्रत्याशी, दो सीटों पर राजद और एक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी विजयी हुए हैं। जद (यू) नाथनगर सीट पर कड़े संघर्ष के बाद अपना कब्जा बरकरार रख सका, जबकि कब्जे वाली तीन सीटें उसे गंवानी भी पड़ीं।

केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के प्रमुख रामविलास पासवान के भाई रामचंद्र पासवान के निधन के बाद खाली हुई समस्तीपुर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में उनके पुत्र पिं्रस राज ने जीत दर्ज की है। लोजपा प्रत्याशी प्रिंस ने कांग्रेस प्रत्याशी अशोक कुमार को एक लाख से अधिक मतों से पराजित किया है।

विधानसभा की बात करें तो बिहार में पहली बार असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने जीत हासिल की है। एआईएमआईएम के कमरुल होदा ने किशनगंज विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी स्वीटी सिंह को हराकर जीत हासिल कर ली।

किशनंगज विधानसभा सीट पर गुरुवार को मतगणना के पहले पांच राउंड की गिनती में राजग की ओर से भाजपा प्रत्याशी स्वीटी सिंह आगे थीं, परंतु छठे राउंड के बाद वह पिछड़ने लगीं और अंत तक वह इसकी भरपाई नहीं कर सकीं।

एमआईएमआईएम के कमरुल होदा ने 10 हजार से अधिक मतों से स्वीटी सिंह को पराजित किया है।

सिमरी बख्तियारपुर विधानसभा उपचुनाव में राजद के प्रत्याशी जफर आलम ने 15 हजार से ज्यादा मतों से जीत दर्ज कर जद (यू) से यह सीट छीन ली। उन्होंने जद (यू) के अरुण कुमार को हराया है। अरुण कुमार को कुल 55,927 मत मिले, जबकि जफर आलम को कुल 71,435 मत मिले।

दरौंदा विधानसभा उपचुनाव में बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जहां निर्दलीय प्रत्याशी करणजीत सिंह उर्फ व्यास सिंह ने 27 हजार से अधिक मतों से जद (यू) के प्रत्याशी और सांसद कविता सिंह के पति अजय कुमार सिंह को पराजित किया। करणजीत सिंह भाजपा के सीवान जिला के उपाध्यक्ष थे। चुनावी मैदान में बने रहने के कारण पार्टी ने उन्हें कुछ दिन पहले निलंबित कर दिया था।

बेलहर विधानसभा क्षेत्र से भी राजद प्रत्याशी विजयी हुए हैं। राजद प्रत्याशी और पूर्व विधायक रामदेव यादव ने बेलहर उपचुनाव में जद (यू) के प्रत्याशी लालधारी यादव को 21 हजार से अधिक मतों से पराजित किया। लेकिन कड़े संघर्ष के बाद जद (यू) अपनी सिटिंग नाथनगर सीट बचाने में कामयाब हो सकी। यहां जद (यू) के लक्ष्मीकांत मंडल ने राजद की राबिया खातून को पराजित किया।

उल्लेखनीय है कि समस्तीपुर लोकसभा और विधानसभा की पांच सीटों -किशनगंज, सिमरी बख्तियारपुर, दरौंदा, नाथनगर और बेलहर के मतदाताओं ने 21 अक्टूबर को मतदान किया था।

इस उपचुनाव को अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा था।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।