दैनिक भास्कर हिंदी: उनकी बहादुरी और बलिदान को कभी नहीं भूल पाएंगे : राजनाथ सिंह

May 3rd, 2020

हाईलाइट

  • उनकी बहादुरी और बलिदान को कभी नहीं भूल पाएंगे : राजनाथ सिंह


नई दिल्ली, 3 मई (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में भारतीय सेना के एक कर्नल समेत पांच सुरक्षाकर्मियों की शहादत पर संवेदना व्यक्त करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि उनके बलिदान और बहादुरी कभी नहीं भूल पाएंगे।

उन्होंने कहा, हंदवाड़ा (जम्मू-कश्मीर) में हमारे सैनिकों और सुरक्षाकर्मियों को खोना बहुत ही परेशान करने वाला और दर्दनाक है। उन्होंने आतंकवादियों के खिलाफ अपनी लड़ाई में अनुकरणीय साहस दिखाया और देश की सेवा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। हम उनकी बहादुरी और बलिदान को कभी नहीं भूलेंगे।

मंत्री ने कहा कि वह सैनिकों और सुरक्षाकर्मियों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं जो इस कार्रवाई में मारे गए। मंत्री ने ट्वीट किया, मैं उन परिवारों के साथ हूं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया। भारत इन बहादुर शहीदों के परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।

इन कर्मियों को सलाम करते हुए, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने कहा कि हंदवाड़ा में हुआ यह ऑपरेशन लोगों के जीवन की सुरक्षा के लिए सुरक्षा बलों के दृढ़ संकल्प को उजागर करता है।

जनरल रावत ने कहा, कमांडिंग ऑफिसर अपनी यूनिट के सदस्यों और जम्मू-कश्मीर पुलिस के अन्य कर्मियों के साथ मोर्चे पर आगे बढ़ रहे थे। उनके लिए खुद से पहले नागरिकों की सेवा ही जीवन का मकसद है।

उन्होंने यह भी कहा कि सशस्त्र बलों को अपने साहस पर गर्व है क्योंकि उन्होंने आतंकवादियों को सफलतापूर्वक खत्म कर दिया है। हम इन बहादुर कर्मियों को सलाम करते हैं और शोक संतप्त परिवारों के लिए अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।

एक बयान में, भारतीय सेना ने कहा कि खुफिया इनपुट के आधार पर आतंकवादी कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा के चंगिमुल्ला में एक घर से नागरिकों को ले जा रहे थे। इसके खिलाफ सेना और जम्मू और कश्मीर पुलिस द्वारा एक संयुक्त अभियान शुरू किया गया था।

भारतीय सेना ने कहा, सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवानों की एक टीम ने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए आतंकवादियों के कब्जे वाले क्षेत्र में प्रवेश किया और नागरिक को सफलतापूर्वक निकाला।

भारतीय सेना ने कहा, इस गोलीबारी में दो आतंकवादियों को मार गिराया गया। वहीं सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस कर्मियों की टीम से सेना के दो अधिकारी, सेना के दो जवान और एक पुलिस सब इंस्पेक्टर शहीद हो गए।