comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

Nirbhaya Justice: दोषियों की फांसी पर बोले पीएम- न्याय हुआ, नारी शक्ति ने हर क्षेत्र में किया उत्कृष्ट प्रदर्शन

Nirbhaya Justice: दोषियों की फांसी पर बोले पीएम- न्याय हुआ, नारी शक्ति ने हर क्षेत्र में किया उत्कृष्ट प्रदर्शन

हाईलाइट

  • निर्भया के चारों दोषियों की फांसी पर पीएम मोदी ने किया ट्वीट
  • कहा- महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इसका अत्यधिक महत्व

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। निर्भया कांड के चारों आरोपियों को सात साल बाद आज (20 मार्च) सुबह तिहाड़ जेल में फांसी के फंदे पर लटका दिया गया। दोषियों को फांसी दिए जाने के बाद से देश में जश्न का माहौल है। निर्भया को मिले इस इंसाफ को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं की गरिमा की जीत बताया है।

निर्भया के दोषियों की फांसी पर पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, न्याय हुआ है। महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इसका अत्यधिक महत्व है। हमारी नारी शक्ति ने हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। हमें मिलकर एक ऐसे राष्ट्र का निर्माण करना है, जहां महिला सशक्तीकरण पर ध्यान दिया जाए, जहां समानता और अवसर पर जोर हो।

Nirbhaya Case: बेटी के इंसाफ पर बोली मां आशा देवी- आज का सवेरा 'निर्भय'

आज की सुबह आशा की किरण लेकर आई- ईरानी
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने शुक्रवार को निर्भया मामले में मिले न्याय की प्रशंसा की। ईरानी ने कहा, यह सुबह आशा की किरण लेकर आई है। हालांकि बहुत देर सही, लेकिन न्याय मिला है। यह इस देश में हर एक व्यक्ति के लिए एक मजबूत संदेश है, जो महिलाओं की विनम्रता को खत्म करने की हिमाकत करता है, जो सोचता है कि वह महिलाओं के खिलाफ जघन्य अपराध करने के बाद कानून के शिकंजे से बच जाएगा। यह संदेश है कि एक दिन कानून आपको पकड़ लेगा। मैं आज खुश हूं, निर्भया को आखिरकार इंसाफ मिला।

प्रण लें कि न हो निर्भया जैसे दूसरे मामले-केजरीवाल
वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने निर्भया के दोषियों को फांसी पर लटकाए जाने के बाद लोगों से अपील करते हुए कहा कि प्रण लें कि निर्भया जैसा दूसरा मामला ना हो। केजरीवाल ने कहा, सात साल बाद, निर्भया के दोषियों को फांसी दी गई। आज एक ऐसा दिन है, जब प्रण लेने की जरूरत है कि अब कोई दूसरी निर्भया न बनें। पुलिस, कोर्ट, राज्य सरकार, केंद्रीय सरकार-सभी यह मिलकर प्रण लें कि हम सिस्टम की खामियों को दूर करेंगे और किसी भी बेटी के साथ ऐसा नहीं होने देंगे।

कमेंट करें
lUzes
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।