दैनिक भास्कर हिंदी: आरोपों पर बोलीं सीतारमण, एयर स्ट्राइक-लोकसभा चुनाव का कोई संबंध नहीं

March 5th, 2019

हाईलाइट

  • रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया है।
  • सीतारमण ने कहा, बीजेपी इस ऑपरेशन से किसी भी तरह का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश नहीं कर रही है।
  • यह कार्रवाई पाकिस्तान में चल रही आतंकी गतिविधियों की खुफिया जानकारी पर आधारित थी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्ष के उन आरोपों का जवाब दिया है जिसमें कहा जा रहा था कि बीजेपी एयर स्ट्राइक का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रही है। सीतारमण ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि बीजेपी इस ऑपरेशन से किसी भी तरह का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश नहीं कर रही है। उन्होंने कहा, भारत की तरफ से बालाकोट में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर की गई एयर स्ट्राइक सैन्य कार्रवाई नहीं थी क्योंकि इसमें कोई भी नागरिक हताहत नहीं हुआ।

सीतारमण ने कहा, एयर स्ट्राइक और चुनावों के बीच कोई संबंध नहीं है। यह कार्रवाई पाकिस्तान में चल रही आतंकी गतिविधियों की खुफिया जानकारी पर आधारित थी। यह सैन्य कार्रवाई नहीं थी। रक्षा मंत्री ने कहा, विदेश सचिव विजय गोखले ने एयर स्ट्राइक के बाद कितने आतंकी मारे गए इसकी जानकारी नहीं दी थी। उन्होंने केवल सरकार की स्थिति के बारे में बताया था। मालूम हो कि गोखले ने पिछले मंगलवार को कहा था कि बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के ट्रेनिंग कैंप पर की गई एयर स्ट्राइक में बड़ी संख्या में आतंकी, ट्रेनर और सीनियर कमांडर मारे गए हैं।

उधर, गोखले के बाद एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने भी सोमवार को कहा था कि मारे गए आतंकवादियों की संख्या के बारे में ब्योरा देना सरकार का काम है वायुसेना का नहीं। वायुसेना यह स्पष्ट करने की स्थिति में नहीं है कि कैंप में कितने आतंकवादी थे। वायुसेना केवल ये गिनती है कि कितने लक्ष्य हिट हुए और कितने नहीं। वह मारे गए लोगों की गिनती नहीं करती है।

बता दें कि एक सभा को संबोधित करते हुए बीजेपी प्रेसिडेंट अमित शाह ने कहा था कि एयर स्ट्राइक में 250 आतंकवादी मारे गए। अमित शाह के इसी बयान के बाद विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और एयर स्ट्राइक के सबूत सरकार से मांग रही है। विपक्ष लगातार ये पूछ रहा है कि आखिर कैसे अमित शाह को पता है कि एयर स्ट्राइक में 250 आतंकी मारे गए। विपक्ष इसे राजनीतिक लाभ लेने का तरीका बता रहा है।