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नॉर्दन कमांड चीफ ने कहा, कश्मीर में घुसपैठ की फिराक में 500 आतंकवादी

नॉर्दन कमांड चीफ ने कहा, कश्मीर में घुसपैठ की फिराक में 500 आतंकवादी

हाईलाइट

  • POK में नियंत्रण रेखा के पास 500 आतंकवादी J&K में घुसपैठ का इंतजार कर रहे हैं
  • सेना के एक शीर्ष अधिकारी ने शुक्रवार को इस बात का खुलासा किया
  • 200 से 300 आतंकवादी पाक के समर्थन से अशांति फैलाने के लिए J&K में सक्रिय

डिजिटल डेस्क, जम्मू। पाक अधिकृत कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास विभिन्न प्रशिक्षण शिविरों में लगभग 500 आतंकवादी जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ का इंतजार कर रहे हैं। सेना के एक शीर्ष अधिकारी ने शुक्रवार को इस बात का खुलासा किया। उन्होंने यह भी कहा कि 200 से 300 आतंकवादी पाकिस्तान के समर्थन से अशांति फैलाने के लिए जम्मू-कश्मीर के दूर-दराज के इलाकों में सक्रिय।

नार्दन कमांड के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने कहा, 'आतंकवादियों की जो भी संख्या हो, हम इस क्षेत्र में शांति और सामान्य स्थिति सुनिश्चित करने के लिए उन्हें रोकने और खत्म करने में सक्षम हैं।' रणबीर सिंह ने कहा कि 'ये आंकड़े आतंकवादियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के अनुसार बदलते रहते हैं।'

उन्होंने कहा, जम्मू-कश्मीर में आतंकी हथियारों की कमी का सामना कर रहे हैं, इसलिए वे पुलिस स्टेशनों या विशेष पुलिस अधिकारियों पर हमले कर इन्हें छीनने की कोशिश कर रहे हैं।

पंजाब में ड्रोन की मदद से हथियार पहुंचाने के सवाल पर सिंह ने कहा कि 'ये पाकिस्तान का नया तरीका है। लेकिन मैं आपको यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि भारतीय सेना पाकिस्तान की इस नापाक कोशिश को विफल करने में पूरी तरह से सक्षम है। उनके मंसूबों को सफल नहीं होने दिया जाएगा।'

सिंह ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवादियों को सभी प्रकार का समर्थन प्रदान करता है। 'पाकिस्तान यहां शांति भंग करने की कोशिशें लगातार करता रहता है। आज भी पाकिस्तान के भीतर उसकी सेना और एजेंसियों आतंकी इंफ्रास्ट्रक्चर को चला रही है। इसमें आतंकवादियों को घुसपैठ की ट्रेनिंग देना शामिल है।'

उधर, सेना के सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान ने इस साल 10 अक्टूबर तक 2317 बार सीजफायर तोड़ा। वहीं, एलओसी और कश्मीर में सुरक्षाबलों की कार्रवाई में 147 आतंकवादी मारे गए। पाकिस्तान ने पिछले साल 1629 बार सीजफायर तोड़ा और सेना की कार्रवाई में 254 आतंकवादियों को मार गिराया गया था।

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।