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India-China Tension: क्या चीन जवाबी कार्रवाई में रोक रहा भारत के एक्सपोर्ट कन्साइनमेंट?

India-China Tension: क्या चीन जवाबी कार्रवाई में रोक रहा भारत के एक्सपोर्ट कन्साइनमेंट?

हाईलाइट

  • भारत-चीन के बीच लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर तनाव
  • कस्टम विभाग में सामान की चेकिंग पहले के मुकाबले अब बढ़ गई
  • चीन और भारत दोनों को सामान के एक्सपोर्ट में परेशानी का सामाना करना पड़ रहा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत-चीन के बीच लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर तनाव और कोरोनावायरस के चलते कस्टम विभाग में सामान की चेकिंग पहले के मुकाबले अब बढ़ गई है। ऐसे में जहां पहले चीन को अपने सामान के एक्सपोर्ट में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था तो वहीं अब यहीं समस्या भारतीय एक्सपोर्टर्स को हो रही है। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (FIEO) ने इसे लेकर शिकायत की है और सरकार से मदद मांगी है। एसोसिएशन ने वाणिज्य मंत्रालय से आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करने को कहा है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि भारत ने चीन से आने वाले समान को बंदरगाहों पर रोकने के लिए नहीं कहा है।

क्या कहा FIEO ने लेटर में?
FIEO के अध्यक्ष शरद कुमार सराफ ने बताया कि एसोसिएशन ने वाणिज्य मंत्रालय को लिखे लेटर में कहा है कि चीन और हॉन्ग-कॉन्ग के कस्टम अधिकारी भारत के एक्सपोर्ट कन्साइनमेंट को रोक रहे हैं। कस्टम विभाग की ओर से फिजिकल जांच की जा रही है। इसकी वजह से क्लियरेंस में काफी देरी हो रही है और एक्सपोर्ट की लागत बढ़ रही है। एसोसिएशन ने विभाग से लेटर में केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड CBIC के सामने इस मसले को उठाए जाने का अनुरोध किया है। लेटर में कहा गया है कि यदि सामान को बंदरगाहों पर रोकने के बारे में कोई आधिकारिक निर्देश नहीं है, तो CBIC इसके बारे में आधिकारिक रूप से बयान जारी करे, ताकि इसकी जानकारी चीन और हॉन्ग-कॉन्ग को दी जा सके। ऐसा करने से वे इस मसले को अपने सीमा शुल्क विभाग के सामने रख सकेंगे।

क्या कोविड-19 की वजह से हो रही देरी?
यह मामला ऐसे समय में आया है जब इस महीने की शुरुआत में भारत और चीन के बीच लद्दाख में LAC को लेकर संबंधों में खटास आ गई थी। ऐसे में खबरें है कि खुफिया जानकारी के आधार पर चीन से आए सामान की फिजिकल जांच की जा रही है। हालांकि भारतीय इंपोर्टर्स को बताया गया है कि कोविड-19 की वजह से कंसाइनमेंट की जांच थोड़ी ज्यादा हो रही है। सैनिटाइज के लिए जो भी प्रक्रिया है, वह की जा रही है। कस्टम विभाग की ओर से यह आश्वासन मिला है कि कुछ दिन में उनके माल को क्लियर कर दिया जाएगा। वहीं चीन की ओर से कन्साइनमेंट को रोके जाने को लेकर कहा जा रहा है कि चीन जवाबी कार्रवाई के चलते ऐसा कर रहा है। हालांकि एक एक्सपोर्टर ने कहा कि इसे चीनी की जवाबी कार्रवाई कहना थोड़ा जल्दबाजी होगा। 

कुछ कंपनियों ने शिपमेंट लेना बंद किया
इस बीच, कुछ कंपनियों ने भारत के लिए चीन से शिपमेंट लेना बंद कर दिया है। डीएचएल एक्सप्रेस इंडिया ने एक बयान में कहा कि वे अगले 10 दिनों के लिए अस्थायी रूप से चीन, हांगकांग और मकाओ से इंपोर्ट शिपमेंट को सस्पेंड कर रहे हैं। कंपनी ने कहा, 'पिछले कुछ दिनों से हम भारत के सभी बंदरगाहों पर चीन, हांगकांग और मकाओ से आने वाले शिपमेंट के क्लीयरेंस में काफी देरी देख रहे हैं। इससे शिपमेंट की डिलीवरी समय पर नहीं हो पा रही है। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि दुनिया भर के अन्य देशों से आने वाले शिपमेंट इस भीड़ से प्रभावित न हों। इसलिए तत्काल प्रभाव से, हम अगले 10 दिनों के लिए चीन, हांगकांग और मकाओ से आयात शिपमेंट को अस्थायी रूप से निलंबित कर रहे हैं।

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