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चुनाव से पहले तय न करें प्रधानमंत्री उम्मीदवार का नाम: ममता बनर्जी

July 28th, 2018 16:38 IST

हाईलाइट

  • जम्मू-कश्मीर के प्रमुख दल नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की।
  • उमर अब्दुल्ला ने कोलकाता स्थित पश्चिम बंगाल के राज्य सचिवालय नबन्ना में मुख्यमंत्री से मुलाकात की।
  • इस मुलाकात को लेकर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी में पश्चिम बंगाल की भलाई के लिए ऐतिहासिक काम किए हैं।

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। विपक्ष के लिए यह तय करना दिन ब दिन मुश्किल होता जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती देने के लिए 2019 में विपक्ष का पीएम उम्मीदवार कौन होगा। जनता दल सेक्युलर (जेडीएस), राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नाम पर सहमति जता चुकी है। विपक्ष में अहम रोल निभाने वाली पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने  कहा है कि चुनाव से पहले प्रधानमंत्री पद के तौर पर किसी का नाम नहीं चुना जाना चाहिए। जम्मू-कश्मीर के प्रमुख दल नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की। ये मुलाकात कोलकाता स्थित पश्चिम बंगाल के राज्य सचिवालय नबन्ना में हुई। इस मुलाकात को लेकर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी में पश्चिम बंगाल की भलाई के लिए ऐतिहासिक काम किए हैं। इन कामों को देशभर में फैलाने की जरूरत है, इसलिए वह यहां ममता बनर्जी से मुलाकात करने आए हैं, ताकि उन्हें दिल्ली खींचकर ले जाया जा सके।

क्या कहा उमर अब्दुल्ला ने?
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि ममता दीदी हमेशा से कश्मीर को लेकर चिंतित रही हैं। हमने मेरे राज्य की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की। हमने देश में वर्तमान स्थिति और अल्पसंख्यकों में प्रबल होते डर के बारे में चर्चा की। उन्होंने एक बार फिर 2019 लोकसभा चुनाव से पहले एक होकर बीजेपी को मात देने की बात कही। उन्होंने कहा कि हम हर उस पार्टी को शामिल करेंगे जो बीजेपी के खिलाफ हैं। प्रधानमंत्री के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी इसके लिए बहुत समय है। पहले मिलकर चुनाव लड़ा जाएगा, बीजेपी को मुकाबला दिया जाएगा और फिर बाद में बैठकर फैसला करेंगे। उन्होंने ये भी कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस और टीएमसी की विचारधारा मिलती-जुलती है। दोनों ही दल देश की जनता की भलाई, अल्पसंख्यकों और दलितों के हितों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इसलिए उन्होंने ममता बनर्जी से मुलाकात की है।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।