दैनिक भास्कर हिंदी: अमेरिका में राहुल : कहा- 'गांधी, नेहरू, पटेल भी थे NRI

September 21st, 2017

डिजिटल डेस्क, न्यूयॉर्क। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी दो हफ्ते के अमेरिका दौरे पर हैं। गुरूवार को अमेरिका में राहुल के दौरे का आखिरी का दिन है। गौरतलब है कि बुधवार को उन्होंने न्यूयॉर्क रह रहे भारतीय प्रवासी भारतीयों को संबोधित किया। इस बीच उन्होंने कहा कि गांधी, नेहरू, पटेल सभी एनआरआई थे। उन्होंने देश में बढ़ती हिंसक घटनाओं और असहिष्णुता को लेकर मोदी सरकार को घेरने की कोशिश की। 

राहुल ने कहा कि भारत को हजारों सालों से एकता और शांति के साथ रहने के लिए दुनियाभर में जाना जाता है, लेकिन कुछ ताकतें भारत को बांट रही हैं और दुनिया में भारत की छवि खराब कर रही हैं। भारत में असहिष्णुता के बारे में अमेरिका में भी लोग मुझसे पूछ रहे हैं। राहुल ने प्रवासी भारतीयों से देश की छवि को बचाने की अपील की। इतना ही नहीं उन्होंने रोजगार के मुद्दे पर भी मोदी सरकार को घेरा और कहा कि रोजगार का संकट इसलिए है क्योंकि सिर्फ 50-60 कंपनियों पर ही ध्यान दिया जा रहा है। 

NRI ही भारत की एक अहम हिस्सा हैं
राहुल ने NRI समुदाय की जमकर तारीफ की और उन्हें भारत की रीढ़ बताया। राहुल ने बताया कि कांग्रेस का असली आंदोलन एनआरआई मूवमेंट ही था। राहुल ने कहा, 'गांधी, नेहरू, पटेल सभी एनआरआई थे। ये सभी लोग विदेशों में रहे और इन्होंने भारत लौटकर देश के लिए काम किया। कुरियन भी एक एनआरआई थे जो भारत में दुग्ध क्रांति लाए'।

रोजगार का संकट मंडरा रहा है देश पर
राहुल गांधी ने कहा, 'भारत में 30 हजार युवा हर दिन जॉब मार्केट में आते हैं मगर उनमें से सिर्फ 450 को ही रोजगार मिल पाता है। यही आज भारत के लिए सबसे बड़ा चैलेंज है'। इस समस्या के बाद राहुल ने इसकी वजह बताते हुए भी मोदी सरकार को निशाने पर लिया। राहुल ने कहा, 'रोजगार की समस्या इसलिए पनप रही है क्योंकि आजकल सिर्फ 50-60 कंपनियों पर ही फोकस किया जा रहा है। अगर रोजगार बढ़ाने हैं तो छोटी और मझोली कंपनियों को भी बढ़ावा देना होगा'।

इससे पूर्व एक कार्यक्रम में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने स्वीकार किया कि उनकी पार्टी के नेतृत्व वाली पूर्व की संप्रग सरकार पर्याप्त रोजगार पैदा नहीं कर पाई थी और उन्होंने कहा कि मोदी सरकार भी अपने वादे के बावजूद रोजगार पैदा करने में विफल साबित हुई है। प्रिंस्टन युनिवर्सिटी में यहां मंगलवार को विद्यार्थियों के साथ बातचीत में कांग्रेस नेता ने कहा कि नरेंद्र मोदी और एक हद तक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उदय के पीछे रोजगार का सवाल था।

राहुल गांधी ने कहा कि हमारी आबादी के एक बड़े हिस्से के पास रोजगार नहीं है और इसलिए वे परेशान हैं और उन्होंने इसीलिए इस तरह के नेताओं का समर्थन किया है। समस्या यह है कि रोजगार को लेकर इन नेताओं का रिकॉर्ड, मैं ट्रंप के बारे में नहीं कहता, क्योंकि उनके बारे में नहीं जानता लेकिन हमारे प्रधानमंत्री का तो निश्चित रूप से अच्छा नहीं है। राहुल गांधी ने कहा कि भारत में रोजगार मुख्य चुनौती है

कांग्रेस का आइडिया हजारों साल पुराना
राहुल गांधी ने इस दौरान कांग्रेस के विचारों के बारे में लोगों को खुल कर बताया। राहुल ने कहा कि कांग्रेस का विचार उसके संगठन की स्थापना से नहीं है, बल्कि ये विचार हजारों साल पुराना है। उन्होंने कहा कि ये विचार सच के साथ खड़े होना है, जो भारत की विरासत रहा है और महात्मा गांधी भी उसी विचार के साथ खड़े रहे थे हमेंशा।

दरअसल, राहुल गांधी की यह जनसभा कांग्रेस की विदेश शाखा की ओर से प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) को पार्टी में शामिल करने की योजना के तहत आयोजित की गई है। कांग्रेस के प्रवासी विभाग के अध्यक्ष सैम पित्रोदा हैं।

प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी में ध्रुवीकरण पर खुल कर बोले थे राहुल
इससे पहले राहुल गांधी ने मंगलवार देर रात अमेरिका की प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी में छात्रों से संवाद किया था। इस दौरान राहुल ने नरेंद्र मोदी सरकार पर जमकर वार किया। राहुल ने यहां कहा कि मोदी सरकार रोजगार पैदा करने में फेल हो रही है। हालांकि, यहां कांग्रेस उपाध्यक्ष ने ये भी स्वीकार किया कि मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार को भारत में इसलिए समर्थन मिला, क्योंकि लोग कांग्रेस पार्टी से बेरोजगारी के मुद्दे पर नाराज थे।

बर्कले में भी बरसे थे राहुल
प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी से पहले राहुल गांधी ने इसी हफ्ते अपने अमेरिका दौरे पर बर्कले की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया में भी एक कार्यक्रम किया था। इस कार्यक्रम में राहुल ने भारतीय राजनीति में परिवारवाद से लेकर मोदी सरकार की विफल नीतियों पर खुलकर राय रखी थी।