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भारत आरसेप समझौते से बाहर, मोदी की तारीफ में उतरे संघ और भाजपा नेता

November 04th, 2019 23:00 IST
 भारत आरसेप समझौते से बाहर, मोदी की तारीफ में उतरे संघ और भाजपा नेता

हाईलाइट

  • भारत आरसेप समझौते से बाहर, मोदी की तारीफ में उतरे संघ और भाजपा नेता

नई दिल्ली, 4 नवंबर,(आईएएनएस)। क्षेत्रीय समग्र आर्थिक भागीदारी (आरसेप) के तहत 15 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते से भारत के बाहर रहने के फैसले पर संघ की आर्थिक मामलों से जुड़ी संस्था स्वदेशी जागरण मंच और भाजपा नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की है। उन्होंने कहा है कि एक बार फिर साबित हुआ कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय हितों से किसी तरह का समझौता नहीं हो सकता।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार को कहा, आरसेप पर हस्ताक्षर नहीं करने का भारत का निर्णय सभी परिस्थितियों में राष्ट्रीय हितों को सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व और संकल्प का परिणाम है। यह हमारे किसानों, एमएसएमई, डेयरी, विनिर्माण क्षेत्र, दवा, इस्पात और रासायनिक उद्योगों के लिए लाभदायक होगा।

अमित शाह ने एक और ट्वीट कर पूर्व की यूपीए सरकार पर निशाना भी साधा। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा, कमजोर यूपीए सरकार में भारत के व्यापारिक हितों की रक्षा नहीं होती थी, मगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ऐसा कोई समझौता नहीं करता, जिसमें भारत के हितों की किसी भी तरह से अनदेखी होती है।

उधर, भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णय की सराहना की। उन्होंने ट्वीट कर कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मजबूत व ऐतिहासिक निर्णय लेने के लिए बधाई कि उन्होंने भारत के हितों में आरसेप समझौते में शामिल न होने का निर्णय लिया। वह हमेशा किसान, डेयरी सेक्टर, विनिर्माण, एमएसएमईज को के हितों को ध्यान में रखते हैं।

दूसरे ट्वीट में जेपी नड्डा ने कहा, भारत वैश्विक दबाव के आगे नहीं झुका। यूपीए की तरह कमजोर व्यापार समझौते के जरिए भारत ने बाजार का दरवाजा नहीं खोला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फिर भारत के हितों की रक्षा दिखाई है।

उधर, आरएसएस से जुड़कर आर्थिक क्षेत्र में काम करने वाले संगठन स्वदेशी जागरण मंच ने भी मोदी सरकार के फैसले को बहादुरी भरा निर्णय बताया है।

संगठन के सह संयोजक अश्वनी महाजन ने आईएएनएस से कहा, अंतराष्ट्रीय दबावों के आगे घुटने न टेककर मोदी सरकार ने राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा की है। प्रधानमंत्री मोदी का यह निर्णय मेक इन इंडिया, डेयरी, मैन्यूफैक्च रिंग, एग्रीकल्चर आदि इंडस्ट्रीज के हितों की रक्षा करेगा। स्वदेशी जागरण मंच लगातार इसका विरोध कर रहा था। प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस व्यापार समझौते से घरेलू उद्योगों को भारी नुकसान देखकर इससे दूर रहने का सराहनीय फैसला किया।

बैंकाक में सोमवार को आरसेप के तहत मुक्त व्यापार समझौते के लिए 16 देशों के शीर्ष नेताओं की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के इसमें शामिल न होने की बात कही। उन्होंने कहा कि समझौता का मौजूदा प्रारूप भारत के हितों के अनुरूप नहीं है। दरअसल, इस समझौते के बाद सस्ते आयात से घरेलू उद्योगों की कमर टूटने का खतरा था। इसको लेकर संघ का संगठन स्वदेशी जागरण मंच लगातार विरोध जता रहा था।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।