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भारत-पाक: गिलगिट-बाल्टिस्तान में चुनाव कराने की घोषणा पर भारत की दो टूक, पाक के पास कानूनी आधार नहीं

भारत-पाक: गिलगिट-बाल्टिस्तान में चुनाव कराने की घोषणा पर भारत की दो टूक, पाक के पास कानूनी आधार नहीं

हाईलाइट

  • गिलगित-बाल्टिस्तान भारत का अभिन्न अंग
  • गिलगित-बल्टिस्तान को प्रांत का दर्जा देकर चुनाव कराने की तैयारी में पाक
  • भारत ने जारी किया था मौसम का हाल

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पाकिस्तान द्वारा गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव कराने की घोषणा करने पर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा तथाकथित कब्जा किए गए गिलगित-बाल्टिस्तान में सैन्य स्थिति को बदलने के लिए कोई भी कार्रवाई का कोई कानूनी आधार नहीं है और जो भी है, पूरी तरह से शून्य है। 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने डिजिटल प्रेस वार्ता में कहा कि सैन्य माध्यम से कब्जा किये गए क्षेत्र गिलगिट-बाल्टिस्तान की स्थिति में बदलाव करने के किसी कदम का कोई वैध आधार नहीं है और यह आरंभ से ही अवैध है। गौरतलब है कि पाकिस्तान ने गिलगिट-बाल्टिस्तान में 15 नवंबर को विधानसभा एसेम्बली चुनाव कराने की घोषणा की है। इस मुद्दे पर पाकिस्तानी नेतृत्व के बयानों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है। हमारा रुख स्पष्ट और सतत है। सम्पूर्ण जम्मू कश्मीर और लद्दाख, भारत का अभिन्न हिस्सा है और हमेशा रहेगा।

गिलगित-बाल्टिस्तान भारत का अभिन्न अंग
वक्तव्य में कहा गया कि पाकिस्तान इस्लामी गणतंत्र के राष्ट्रपति घोषणा करते हैं कि चुनाव अधिनियम 2017 की धारा 57 (1) के तहत रविवार, 15 नवंबर 2020 को गिलगित बाल्तिस्तान विधानसभा में आम चुनाव कराए जाएंगे। भारत ने पाकिस्तान से कहा है कि गिलगित बाल्तिस्तान समेत जम्मू कश्मीर और लद्दाख संघ शासित प्रदेश के संपूर्ण भूभाग का भारत में पूर्ण रूप से वैधानिक और स्थायी विलय हुआ था इसलिए यह देश का अभिन्न अंग है। 

गिलगित-बल्टिस्तान को प्रांत का दर्जा देकर चुनाव कराने की तैयारी में पाक
बता दें कि गिलगित-बल्टिस्तान को प्रांत का दर्जा देकर पाकिस्तान यहां चुनाव कराने की तैयारी में है। पाकिस्तान के मंत्री अली अमीन ने दि एक्सप्रेस ट्रिब्यून से यह बात कही है। अमीन ने कहा, प्रधानमंत्री इमरान खान जल्द ही क्षेत्र का दौरा करेंगे और औपचारिक ऐलान करेंगे। उन्होंने कहा है कि क्षेत्र को नैशनल असेंबली और सीनेट समेत हर संवैधानिक निकाय में पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। अमीन ने कहा कि नवंबर में यहा चुनाव कराए जाएंगे। वहीं, भारत ने इसे लेकर साफ कह दिया है कि गिलगित-बल्टिस्तान समेत जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का क्षेत्र उसके अंतर्गत आता है और पाकिस्तान वहां चुनाव नहीं करा सकता।

भारत ने जारी किया था मौसम का हाल
इससे पहले भारत में मौसम का पूर्वानुमान बताने वाली संस्था भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने जम्‍मू-कश्‍मीर सब-डिविजन को 'जम्‍मू और कश्‍मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद' कहना शुरू कर दिया था। आईएमडी ने कहा था कि वह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर-गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद क्षेत्रों के लिए मौसम बुलेटिन जारी कर रहा है, क्योंकि ये भारत के हिस्से हैं। गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद को भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अपने बुलेटिन में शामिल करने से पाकिस्तान बौखला गया था। भारत के इस कदम को पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) प्रस्तावों का उल्लंघन बताते हुए खारिज कर दिया था।

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