ट्रेडमार्क और कॉपीराइट चोरी: पालिका बाजार, हीरा पन्ना और टैंक रोड यूएसटीआर की कुख्यात बाजारों की सूची में

February 18th, 2022

हाईलाइट

  • मुंबई, दिल्ली और कोलकाता के बाजारों को सूचीबद्ध किया है

डिजिटल डेस्क,नई दिल्ली। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (यूएसटीआर) ने देश और दुनिया के ऐसे कुख्यात बाजारों की सूची प्रकाशित की है जहां ट्रेडमार्क और कॉपीराइट चोरी कर धड़ल्ले से नकली सामान बेचा जाता है।

यूएसटीआर ने नकली और धोखाधड़ी सामग्री की बिक्री के लिए कुख्यात बाजारों की अपनी 2021 की समीक्षा (कुख्यात बाजारों की सूची) सूची जारी हैं, जो ऑनलाइन और ऐसे बाजारों के बारे में बताती हैं जहां पर्याप्त ट्रेडमार्क और कॉपीराइट चोरी कर धड़ल्ले से सामान बेचा जाता है। इनमें मुंबई, दिल्ली और कोलकाता के बाजारों को सूचीबद्ध किया है।

मुंबई के केंद्र में स्थित एक प्रमुख बाजार, हीरा पन्ना में कथित तौर पर नकली घड़ियाँ, जूते, सामान और सौंदर्य प्रसाधन बेचे जाते है। इन सामग्रियों के अधिकार धारकों ने चेतावनी दी है कि इस बाजार में बेचे जाने वाले नकली सौंदर्य प्रसाधनों से स्वास्थ्य संबंधी दिककतें हो सकती हैं।

यूएसटीआर ने कहा कि सितंबर 2021 में हीरा पन्ना बाजार पर छापेमारी में बेहतरीन घड़ियों के नकली संस्करण बेचने के आरोप में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

कोलकाता में किद्दरपुर, स्थानीय रूप से फैंसी मार्केट के रूप में जाना जाता है और यहां कथित तौर पर नकली परिधान और सौंदर्य प्रसाधन सामग्री थोक मात्रा में बिकती है। नकली उत्पादों की खराब गुणवत्ता के कारण त्वचा की समस्याएं, चकत्ते, जलन और आंखों की बीमारियां देखी गई हैं।

नई दिल्ली में पालिका बाजार भूमिगत बाजार है जो नकली उत्पादों, जैसे मोबाइल एक्सेसरीज, कॉस्मेटिक्स, घड़ियाँ, और चश्मों के व्यापार के लिए जाना जाता है। यह छात्रों ,युवाओं और पर्यटकों के लिए एक लोकप्रिय गंतव्य है जो सस्ते दामों पर आधुनिक उत्पाद चाहते हैं।

राजधानी दिल्ली के टैंक रोड़ बाजार में परिधान, जूते, घड़ियां, हैंडबैग, इलेक्ट्रॉनिक्स और सौंदर्य उत्पादों सहित अन्य नकली उत्पाद बिकते है। यहां से नकली सामान की थोक आपूर्ति गफ्फार मार्केट और अजमल खान रोड सहित अन्य भारतीय बाजारों में की जाती है।

यूएसटीआर ने कहा कि इन स्थानों पर प्रवर्तन एजेंसियों की तरफ से की जाने वाली कोई भी कार्रवाई चुनौतीपूर्ण है क्योंकि ये बाजार आवासीय क्षेत्रों में स्थित हैं और यहां के दुकानदारों को इस तरह के छापों की पहले ही सूचना मिल जाती है। इस तरह से ये छापामार कार्रवाई एक तरह से बेअसर साबित होती है।

(आईएएनएस)