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घायल चूजे को अस्पताल ले जाने वाले बच्चे को Peta ने दिया 'दयालु बच्चा सम्मान'

घायल चूजे को अस्पताल ले जाने वाले बच्चे को Peta ने दिया 'दयालु बच्चा सम्मान'

हाईलाइट

  • सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी डेरेक की फोटो
  • खेलते समय डेरेक के पहिए के नीचे आ गया था चूजा
  • 8 से 12 साल के बच्चों को ये पुरस्कार देता है पेटा

डिजिटल डेस्क, ऐजवाल। कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया पर एक बच्चे की फोटो वायरल हुई थी, जो मुर्गी के एक चूजे को लेकर अस्पताल पहुंचता है और डॉक्टर से उसका इलाज करने को कहता है। उस बच्चे के दूसरे हाथ में 10 रुपए का एक नोट होता है, जो वह अपनी गुल्लक से निकालकर लाता है, मुर्गी के चूजे को लेकर अस्पताल पहुंचे बच्चे को पेटा (People for the Ethical Treatment of Animals) ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया है। पेटा से इनाम पाकर बच्चा और उसका परिवार काफी खुश है। 

चूजे के प्रति मानवता दिखाने वाले बच्चे का नाम डेरेक सी लालचन्हिमा है, जो मिजोरम का रहने वाला है। डेरेक जब चूजा लेकर डॉक्टर के पास आया तो किसी ने उसका फोटो खींच लिया था। डेरेक एक टायर से खेल रहा था, जिसके नीचे मुर्गी का चूजा आ गया, टायर के नीचे  दबने के कारण उसे चोट लग गई थी, जिसके बाद डेरेक परेशान हो गया, वो चूजे चूजे को उठाकर अपने घर आया और अपनी गुल्लक से 10 रुपए निकालकर अस्पताल पहुंच गया। 

ये घटना डॉक्टरों को सुनाने के बाद डेरेक ने डॉक्टरों से उसका इलाज करने को कहा और बदले में पैसे देने की पेशकश भी की, डेरेक की बातें सुनकर अस्पताल का पूरा स्टाफ भावुक हो गया, उसकी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिससे वो फेमस हो गया। ये फोटो और उसके पीछे की कहानी जानने के बाद पेटा ने डेरेक को दयालु बच्चा अवार्ड देने का निर्णय लिया। पेटा ये अवॉर्ड 8 से 12 वर्ष के उन बच्चों को देती है, जो जानवरों की पीड़ा को बेहतर तरीके से समझते हैं।

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