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नोबेल विजेता बनर्जी पर पीयूष गोयल का निशाना, सोच को बताया लेफ्ट लीनिंग

नोबेल विजेता बनर्जी पर पीयूष गोयल का निशाना, सोच को बताया लेफ्ट लीनिंग

हाईलाइट

  • अभिजीत बनर्जी के मोदी सरकार पर निशाना साधने के बाद भाजपा ने पलटवार किया है
  • पीयूष गोयल ने अभिजीत बनर्जी की सोच को लेफ्ट लीनिंग करार दिया
  • अभिजीत बनर्जी ने अर्थशास्त्र में साल 2019 का नोबेल पुरस्कार जीता है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अर्थव्यवस्था को लेकर नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी के मोदी सरकार पर निशाना साधने के बाद भाजपा ने पलटवार किया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अभिजीत बनर्जी की सोच को लेफ्ट लीनिंग करार दिया।

पीयूष गोयल ने कहा कि ' अभिजीत बनर्जी को नोबेल प्राइज मिलने के लिए बधाई देता हूं, लेकिन उनकी समझ के बारे में तो आप सब जानते हैं। उनकी जो सोच है वो पूरी तरह से लेफ्ट लीनिंग है। उन्होंने NYAY (कांग्रेस की योजना) के बड़े गुनगान गाए थे, लेकिन भारत की जनता ने उनकी सोच को पूरी तरह से रिजेक्ट कर दिया।

अभिजीत बनर्जी ने कहा था 'भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति डांवाडोल है। मौजूदा विकास दर के आंकड़ों से यह आश्वासन नहीं मिलता कि इसमें जल्द सुधार आएगा।' उन्होंने कहा था, 'पिछले 5-6 साल में हमने थोड़ी ग्रोथ देखी, लेकिन अब वह आश्वासन भी नहीं रहा। भारत में बहुत बड़ी लड़ाई चल रही है कि किसका डेटा सही है और सरकार का एक विशेष दृष्टिकोण है कि जो उसके लिए असुविधाजनक है, वह गलत है, लेकिन फिर भी मुझे लगता है कि कुछ समस्या है जिसे सरकार मान रही है।

अर्थव्यवस्था की रफ्तार बहुत तेजी से धीमी हो रही है। यह रफ्तार कितनी धीमी है, हमें पता नहीं है।' हालांकि उन्होंने ये भी साफ किया था कि उनकी ये राय मौजूदा हालातों के बारे में हैं। भविष्य में क्या होगा, मौजूदा राय इसके बारे में नहीं है।

अभिजीत बनर्जी के बाद पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने भी मोदी सरकार पर अर्थव्यवस्था को लेकर निशाना साधा था। एक कार्यक्रम के दौरान मुंबई में पूर्व पीएम ने कहा था कि 2024 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी तक पहुंचने की कोई उम्मीद नहीं है। इसके लिए सालाना 10-12 फीसदी ग्रोथ की जरूरत होगी, लेकिन भाजपा के कार्यकाल में साल दर साल विकास दर में गिरावट आ रही है।

उन्होंने कहा था कि अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए असली दिक्कतों और वजहों का पता लगाना जरूरी होता है। सरकार की उदासीनता से देश के लोगों की महत्वाकांक्षाएं और भविष्य प्रभावित हो रहा है। 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।