दैनिक भास्कर हिंदी: विज्ञान भवन में PM मोदी बोले- आयुष और योग फिट इंडिया मूवमेंट के दो स्तंभ

August 30th, 2019

हाईलाइट

  • मोदी ने विज्ञान भवन में योग पुरस्कार वितरित किए और 10 आयुष सेंटर की लॉचिंग
  • आयुष पद्धिति को समृद्ध करने वाली 12 हस्तियों के सम्मान में डाक टिकट भी जारी किए
  • मोदी ने कहा- देशभर में 12 हजार 500 आयुष सेंटर बनाने का लक्ष्य

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज विज्ञान भवन में योग पुरस्कार वितरित किए और 10 आयुष सेंटर की लॉचिंग भी की। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, देश में फिट इंडिया मूवमेंट की शुरुआत के अगले ही दिन आयुष और योग से जुड़े कार्यक्रम में आना एक अद्धभुत संयोग है। आयुष और योग फिट इंडिया मूवमेंट के 2 महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। मोदी ने कहा, आज मुझे योग के साधकों, योग की सेवा करने वालों और दुनिया भर में योग का प्रचार प्रसार करने वाले साथियों और संगठनों को पुरस्कार देने का मौका मिला है। पुरस्कार पाने वाले साथियों को मैं बधाई देता हूं।

12 हस्तियों के सम्मान में डाक टिकट जारी
इस अवसर पीएम मोदी ने आयुष पद्धिति को समृद्ध करने वाली 12 हस्तियों के सम्मान में डाक टिकट भी जारी करते हुए कहा, ये वो साथी हैं जिन्होंने अपना पूरा जीवन लोगों के उपचार में लगा दिया। किसी ने योग को माध्यम बनाया तो किसी ने आयुर्वेद को, किसी ने यूनानी, तो किसी ने होम्योपैथी से सेवा की है। हमारे देश में परंपरा ऐसी बनी है कि बड़े-बड़े नाम जो टीवी पर चमकते हों या जो नेता कहे जाते हों, उन्हीं पर डाक टिकट बनते हैं। आयुर्वेद के लिए खप जाने वाले पर भी डाक टिकट बन सकते हैं क्या ? यही तो बदलाव हिंदुस्तान में हुआ है। 

वेदों में है गंभीर बीमारियों का इलाज
पीएम मोदी ने कहा, हमारे पास हज़ारों वर्षों पुराना लिटरेचर है, वेदों में गंभीर बिमारियों से जुड़ें इलाज की चर्चा है। लेकिन दुर्भाग्य से हम अपनी पुरातन रिसर्च को आधुनिकता से जोड़ने में इतने सफल नहीं हो पाए और इसी स्थिति को बीतें 5 वर्षों में हमने लगातार बदलने का प्रयास किया है। आयुर्वेद, योग और नेचुरोपैथी,  सिद्ध, यूनानी और होम्योपैथी के बाद 'सोवा - रिग्पा' आयुष  परिवार का छठा सदस्य हो गया है। इस कदम के लिए मैं मंत्री जी और उनके विभाग को बहुत बहुत बधाई देता हूं। 

12 हजार 500 आयुष सेंटर बनाने का लक्ष्य
पीएम मोदी ने कहा, जब हम देश में 1.5 लाख हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोल रहे हैं, तो आयुष को भी हम भूले नहीं हैं। देशभर में 12 हज़ार 500 आयुष सेंटर बनाने का हमारा लक्ष्य है। हमारी कोशिश है कि ऐसे 4 हजार आयुष सेंटर इसी वर्ष हम तैयार कर दें। हमने पिछले दिनों संसद में नेशनल मेडिकल कमिशन का जो कानून पारित किया है उससे देश में स्वास्थ्य शिक्षा और उससे जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में बहुत मदद मिलेगी। देश में आयुष का जो आधुनिक इंफ्रास्टरक्चर तैयार हो रहा है उसके लाभ भी व्यापक हैं।  विशेषकर छोटे-छोटे गांवों, कस्बों, शहरों में घर के पास स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं।  नए अस्पताल बनने से मेडिकल से जुड़ा पूरा ईको सिस्टम यहां विकसित हो रहा है। 

आयुष की विद्याओं को भी दुनिया भर में पहुंचाना
पीएम मोदी ने कहा, अब हमें योग के अलावा आयुष की अन्य विद्याओं को भी दुनिया भर में पहुंचाना है। योग ने खिड़की खोल दी है, दरवाजे खुलने में देर नहीं लगेगी। दुनिया का कोई व्यक्ति जो भारत की भाषा भी नहीं जानता, पर जब योग की बात आती है तो सोचता है कि अच्छा होता कि मैं योग से जुड़ जाता। हमारे महापुरुषों ने इस एक विधा को लेकर जो समर्पण किया है उसने दुनिया के वेलनेस में कितना बड़ा योगदान दिया है, इसका हमें गर्व होता है।  मैं दुनिया में कहीं भी जाता हूं, कोई कितना ही बड़ा लीडर हो, उनसे बात की शुरुआत योग से ही होती है। शायद ही विश्व का कोई लीडर होगा जिसने योग पर बात करने में मेरे साथ 5-10 मिनट न खपाए हों। 

आज हम देखते हैं कि जिस भोजन को हमने छोड़ दिया, उसको दुनिया ने अपनाना शुरु कर दिया है। जौ, ज्वार, रागी, कोदो, सामा, बाजरा, सांवा, ऐसे अनेक अनाज कभी हमारे खान-पान का हिस्सा हुआ करते थे। लेकिन अब ये सब चीजें हमारी थालियों से गायब हो गई हैं। आज योग वेलनेस के साथ दुनिया को भारत के साथ जोड़ने का माध्यम बन रहा है। यानी योग की अब नई परिभाषा निकलकर आई है।  योग शरीर, मन, बुद्धि आत्मा को तो जोड़ता था, अब योग दुनिया को भी जोड़ता है। 
 

 

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