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जेटली से मिले पीएम, स्वास्थ्य कारणों के चलते मंत्री पद न देने को लेकर लिखी थी चिट्ठी

जेटली से मिले पीएम, स्वास्थ्य कारणों के चलते मंत्री पद न देने को लेकर लिखी थी चिट्ठी

हाईलाइट

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात की
  • जेटली की मंत्री के नाम पर विचार ने किए जाने की चिट्ठी के बाद दोनों नेताओं ने मुलाकात की है
  • पीएम मोदी और उनका मंत्रिमंडल गुरुवार को राष्ट्रपति भवन में शपथ लेगा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात की। अरुण जेटली ने दिन में प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखकर नई सरकार में मंत्री पद को लेकर उनके नाम पर विचार नही करने को कहा था। इसके पीछे उन्होंने अपने स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया था। जेटली की इस चिट्ठी के बाद दोनों नेताओं की मुलाकात हुई है।

अधिकारियों ने कहा कि पीएम मोदी जेटली से मिलने के लिए उनके दिल्ली स्थित आधिकारिक आवास पर पहुंचे थे और कुछ देर ही दोनों नेताओं ने बातचीत की। इस बैठक के बाद न तो जेटली, जिन्होंने मोदी को लिखे अपने पत्र को ट्वीट किया था कि वह नई सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी नहीं लेना चाहते हैं, न ही उनके कार्यालय ने बैठक पर कोई टिप्पणी की। इसीलिए इस मुलाकात में क्या चर्चा हुई ये अभी सामने नहीं आया पाया है।

बता दें कि जेटली ने पीएम मोदी को जो पत्र लिखा था उसमें उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री जी आपकी अगुवाई में 5 साल काम करने का अनुभव बहुत ही अच्छा रहा। इससे पहले भी एनडीए सरकार में मुझे जिम्मेदारियां दी गईं। सरकार के अलावा संगठन और विपक्ष के नेता के रूप में मुझे अहम जिम्मेदारियों से नवाजा गया। अब मुझे कुछ नहीं चाहिए। पिछले 18 महीनों से मैं गंभीर बीमारी से पीड़ित हूं।

उन्होंने कहा, चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद जब आप केदारनाथ जा रहे थे, तब मैंने आपको मौखिक तौर पर कहा था कि स्वास्थ्य कारणों से मैं भविष्य में कोई भी जिम्मेदारी उठाने में असमर्थ रहूंगा। मुझे अपने इलाज और स्वास्थ्य पर ध्यान देना है। बीजेपी और एनडीए ने आपके नेतृत्व में शानदार जीत दर्ज की है।

कल नई सरकार का शपथ ग्रहण होने वाला है। मैं आपसे औपचारिक रूप से अनुरोध करने के लिए लिख रहा हूं कि मुझे अपने इलाज और स्वास्थ्य के लिए उचित समय चाहिए और इसलिए मैं नई सरकार में किसी भी जिम्मेदारी का हिस्सा नहीं बनना चाहता हूं। इसके बाद निश्चित तौर पर मेरे पास काफी समय होगा, जिसमें मैं अनौपचारिक रूप से सरकार या पार्टी में कोई भी सहयोग कर सकता हूं। 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।