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पीएम मोदी ने बदल दिया इतिहास, मगहर में दी गलत जानकारी

June 29th, 2018 18:55 IST
पीएम मोदी ने बदल दिया इतिहास, मगहर में दी गलत जानकारी

हाईलाइट

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से गलत तथ्य पेश करने का वाकया सामने आया है।
  • पीएम मोदी सूफी संत कबीर साहब के 620वें प्राकट्य उत्सव पर मगहर में कबीर की निर्वाण स्थली पहुंचे थे।
  • पीएम ने भाषण में कहा था कि यहां पर संत कबीर, गुरु नानकदेव और गोरखनाथ ने बैठ कर आध्यात्मिक चर्चा की थी।
  • संत कबीर का जन्म 14 वीं सदी व गुरुनानक का समय 15वीं व 16 वीं शताब्दी था।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से गलत तथ्य पेश करने का वाकया सामने आया है। गुरुवार को पीएम मोदी सूफी संत कबीर साहब के 620वें प्राकट्य उत्सव पर मगहर में कबीर की निर्वाण स्थली पहुंचे थे। यहां पीएम मोदी ने संत कबीर की मजार पर चादर चढ़ाई और कबीर अकादमी का शिलान्यास किया। इसके बाद उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए विरोधी दलों पर जमकर तंज कसा। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने इतिहास की कई बातों का भी जिक्र किया, जो अब उनके लिए ही ट्रोलिंग का कारण बन गया।

पीएम मोदी ने अपने भाषण में इतिहास बताते हुए एक बड़ी चूक कर दी। पीएम ने भाषण में कहा था कि यहां पर संत कबीर, गुरु नानकदेव और गोरखनाथ ने बैठ कर आध्यात्मिक चर्चा की थी। यह बात पुरानी थी इसलिए लोग इस गलती को नहीं पकड़ पाये। बाद में पता चला कि ऐतिहासिक रूप से सही नहीं है।

ऐतिहासिक तथ्यों को देखा जाये तो नाग संप्रदाय की स्थापना बाबा गोरखनाथ ने की थी। बाबा गोरखनाथ का जन्म 11 वीं शताब्दी में हुआ था। संत कबीर का जन्म 14 वीं सदी व गुरुनानक का समय 15वीं व 16 वीं शताब्दी था। संत कबीर 120 साल तक जीवित रहे ऐसे में बाबा गोरखनाथ व गुरु नानक आपस में मिल सकते थे लेकिन इनसे 200 साल पहले आये गोरखनाथ से मुलाकत होना संभव नहीं दिखता है। बता दें कि इससे पहले भी कई बार इतिहास की बात बताने में पीएम मोदी से गलती हुई है। सार्वजनिक सभाओं में पीएम मोदी बिना लिखा हुआ भाषण ही पढ़ते हैं जिसके चलते ऐसी चूक होने की संभावना रहती है।


पीएम मोदी ने चढ़ाई चादर
जानकारी के अनुसार पीएम मोदी लखनऊ से मगहर हेलीकाप्टर द्वारा पहुंचे थे। यहां पीएम मोदी ने कबीर दास मगहर एकेडमी की आधारशिला रखी। यह एकेडमी 24 करोड़ की लागत से बनने वाली है। पीएम मोदी मगहर में कबीरदास की 500वीं पुण्यतिथि के अवसर पर उनकी समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित भी किए। इसके बाद संत कबीर की मजार पर चादर चढ़ाई। साथ ही पीएम ने संत कबीर गुफा का दौरा भी किया। इसके अलावा पीएम ने कबीर अकादमी की आधारशिला के मौके पर पट्टिका का अनावरण किया।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।