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RTI पर PMO का जवाब, नरेन्द्र मोदी का फिटनेस वीडियो बनाने में नहीं हुआ कोई खर्च

August 22nd, 2018 00:56 IST
RTI पर PMO का जवाब, नरेन्द्र मोदी का फिटनेस वीडियो बनाने में नहीं हुआ कोई खर्च

हाईलाइट

  • पीएम मोदी के फिटनेस वीडियो को लेकर लगाई गई आरटीआई का PMO की तरफ से जवाब दिया गया है।
  • PMO की तरफ से कहा गया है कि पीएम मोदी के फिटनेस वीडियो को बनाने में एक पैसा भी खर्च नहीं हुआ।
  • इस वीडियो पर 35 लाख रुपये खर्च होने का दावा कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने किया था।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के फिटनेस वीडियो को लेकर लगाई गई RTI का प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की तरफ से जवाब दिया गया है। PMO की तरफ से कहा गया है कि पीएम मोदी के फिटनेस वीडियो को बनाने में एक पैसा भी खर्च नहीं हुआ है। यह प्रधानमंत्री कार्यालय के वीडियोग्राफर द्वारा रिकॉर्ड किया गया है। बता दें कि योग दिवस के एक हफ्ते पहले पीएम मोदी ने इस वीडियो को ट्विटर के जरिए शेयर किया था। इस वीडियो पर 35 लाख रुपये खर्च होने का दावा कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने किया था।

क्या है मामला?
केन्द्रीय खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर की ओर से हम फिट तो इंडिया फिट फिटनेस चैलेंज शुरू किया गया था। टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर के चैलेंज को स्वीकार करते हुए अपना कसरत करते हुए वीडियो ट्विटर पर शेयर किया था। वीडियो शेयर करते हुए विराट ने इस चैलेंज को आगे बढ़ाया और इसे पीएम नरेन्द्र मोदी को दिया था। जिसके बाद प्रधानमंत्री ने इसे स्वीकार करते हुए अपने ट्विटर अकाउंट पर एक वीडियो अपलोड किया था। इस वीडियो में मोदी योगाभ्यास करते हुए नजर आ रहे थे।

पीएम मोदी के इस वीडियो के सामने आने के बाद कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ट्वीट कर पीएम मोदी के फिटनेस वीडियो पर 35 लाख रुपये खर्च होने का दावा किया था। थरूर ने ट्वीट किया था, ‘योग दिवस के मौके पर विज्ञापनों पर 20 करोड़ रुपये खर्च किए गये। प्रधानमंत्री के फिटनेस वीडियो पर 35 लाख रुपये खर्च हुए। इस सरकार में उम्मीद की जगह हव्वा तैयार किया जाता है। उम्मीदों को इन्होंने बर्बाद कर दिया है।

केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने पीएम मोदी के फिटनेट वीडियो पर 35 लाख रुपये खर्च होने के दावे को खारिज कर दिया था। राठौड़ ने कहा था, 'थरूर...झूठ आपके लिए तथ्यों का विकल्प बन गया है। प्रधानमंत्री के वीडियो पर कोई पैसा खर्च नहीं किया गया। यह प्रधानमंत्री कार्यालय के वीडियोग्राफर द्वारा रिकॉर्ड किया गया है।'

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।