दैनिक भास्कर हिंदी: मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस: ब्रजेश ठाकुर सहित 21 के खिलाफ आरोप तय, 3 अप्रैल से शुरू होगा ट्रायल

March 30th, 2019

हाईलाइट

  • मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस में साकेत कोर्ट ने ब्रजेश ठाकुर समेत सभी 21 ओरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं।
  • इस मामले में अब 3 अप्रैल से ट्रायल शुरु हो जाएगा।
  • सभी आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, IPC और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए जाएंगे।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस में दिल्ली के साकेत कोर्ट ने ब्रजेश ठाकुर समेत सभी 21 ओरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। इस मामले में अब 3 अप्रैल से ट्रायल शुरु हो जाएगा, जिसमें गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे। सभी आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, IPC और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 7 फरवरी को इस मामले को दिल्ली की साकेत कोर्ट के विशेष पॉक्सो कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने छह माह में ट्रायल पूरा करने का निर्देश दिया था।

ट्रायल के लिए नियुक्त किए गए स्पेशल पॉक्सो जज सौरभ कुलश्रेष्ठ ने कहा कि सभी आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं, जिसपर 3 अप्रैल से ट्रायल शुरु किया जाएगा। इस केस के लिए अपर्णा भट्ट एमिकस क्यूरि के रूप में काम करेंगी। मुख्य अभियुक्त ब्रजेश ठाकुर और शेल्टर होम के कर्मचारियों के साथ-साथ बिहार के समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों पर आपराधिक साजिश, ड्यूटी के दौरान लापरवाही और मासूम लड़कियों पर हुए हमले को रिपोर्ट करने में विफलता के आरोप लगाए गए हैं। 

मुख्य अभियुक्त ब्रजेश ठाकुर पर POCSO एक्ट की धारा 5 (सेक्सुअल अटैक) के तहत आरोप लगाया गया है। इसमें न्यूनतम सजा पांच साल की है, जबकि अधिकतम सजा उम्रकैद है। इसके साथ ही उनपर IPC के 376C (2) (शेल्टर होम के प्रभारी व्यक्ति द्वारा यौन उत्पीड़न की सजा) के तहत भी आरोप लगाए गए हैं।

इससे पहले, चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की एक पीठ ने मामले की सुनवाई बिहार से दिल्ली के कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया था। कोर्ट ने छह महीने के अंदर इस मामले से संबंधित ट्रायल को पूरा करने का आदेश दिया था। पीठ ने इस मामले को दिल्ली के साकेत सेशन कोर्ट में स्थानांतरित करते हुए कहा था कि इस मामले पर जल्द से जल्द कार्रवाई की जानी चाहिए, क्योंकि पीड़ित नाबालिग हैं। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बिहार पुलिस को पूर्व राज्य मंत्री मंजू वर्मा की गिरफ्तारी में असफलता के लिए भी दोषी ठहराया था।

क्या है मामला?
मुजफ्फरपुर के एक शेल्टर होम में 34 बच्चियों से रेप की बात सामने आई थी। लड़कियों के साथ हुई इस दरिंदगी का खुलासा मुंबई स्थित टाटा इन्स्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंस की रिपोर्ट में हुआ था। मामला सामने आने के बाद शेल्टर होम को संचालित करने वाले गैर-सरकारी संगठन (NGO) को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया था। इस मामले की जांच कर रही CBI ने कोर्ट में एक चार्जशीट दायर की थी। इस चार्जशीट में मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर सहित 21 लोगों के नाम थे।

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