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PMC बैंक डिपोजिटर्स को पुलिस ने लिया हिरासत में, वित्त मंत्री के खिलाफ कर रहे थे प्रदर्शन

PMC बैंक डिपोजिटर्स को पुलिस ने लिया हिरासत में, वित्त मंत्री के खिलाफ कर रहे थे प्रदर्शन

हाईलाइट

  • पुलिस ने मंगलवार को पीएमसी बैंक जमाकर्ताओं को हिरासत में ले लिया
  • डिपोजिटर वित्त मंत्री सीतारमण के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे
  • सीतारमण चीफ गेस्ट के तौर पर यहां एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहंची थी

डिजिटल डेस्क, मुंबई। पुलिस ने मंगलवार को पंजाब और महाराष्ट्र सहकारी (पीएमसी) बैंक जमाकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। ये लोग वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स के पास प्रदर्शन कर रहे थे। सीतारमण चीफ गेस्ट के तौर पर यहां एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहंची थी। उधर, पीएमसी बैंक के एक और जमाकर्ता एंड्रयू लोबो की इलाज के लिए पैसे न होने के कारण मौत हो गई। लोबो का मुंबई की मुलुंड ब्रांच में खाता था।

पीएमसी बैंक खाताधारक की मौत
लोबो के परिवार और अन्य पीएमसी खाताधारकों ने दावा किया कि इलाज के लिए पैसे न होने के कारण उनकी मृत्यु हुई है। लोबो के ग्रैंड नेफ्यू क्रिस ने बताया कि एंड्रयू ने रिटायरमेंट के बाद मुलुंड में अपने बिजनेस और घर बेच दिया था। बिजनेस और घर को बेचने से मिली रकम, जो लगभग 26-30 लाख रुपए थी को पीएमसी बैंक में जमा किया गया था। लोबो बैंक से मिलने वाले ब्याज से दवाई और अन्य चीजों का भुगतान करते थे। क्रिस ने कहा कि कुछ महीने पहले एंड्रयू को फेफड़े में संक्रमण हुआ था और उसका इलाज चल रहा था।

लोबो सातवें ज्ञात पीएमसी बैंक जमाकर्ता हैं, जिनकी बैंक से विड्रॉल पर प्रतिबंध लगने के बाद मौत हुई है। बैंक के जमाकर्ता आंदोलन कर रहे हैं, यह मांग करते हुए कि उन्हें अपने पैसे निकालने की अनुमति दी जाए जो कि आरबीआई के प्रतिबंध के कारण अटक गया है।

RBI ने पीएमसी बैंक खाताधारकों को दिया था आश्वासन
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि RBI के अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि इस मामले में जल्द ही ठोस कदम उठाया जाएगा लेकिन अब तक ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। एक प्रदर्शनकारी ने नाराजगी जताते हुए कहा, 'हम यह भी नहीं जानते हैं कि सरकार कुछ कर रही है। यहां राज्य में नेता सरकार बनाने में व्यस्त है। नेताओं को यह समझ में नहीं आता है कि हमारे पास अपना घर चलाने के लिए पैसे नहीं हैं। हमने उनके लिए मतदान किया लेकिन अब  वह हमें अपनी पीठ दिखा रहे हैं।

एक अन्य नाराज प्रदर्शनकारी ने कहा, 'अब, हमने फैसला किया है कि हम आरबीआई अधिकारियों से मिलने नहीं जाएंगे। अधिकारियों को खुद हमसे मिलना होगा और हमें जानकारी देनी होगी। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो विरोध प्रदरशनों को और तेज किया जाएगा।'

80 वर्षीय खाताधारक हस्ना ने कहा कि उन्हें आंदोलन में शामिल होना पड़ा क्योंकि सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं दिया जा रहा है। हस्ना ने कहा, 'मैं  जीवन भर की गई अपनी सेविंग के बारे में पूछ रही हूं लेकिन मेरे साथ एक भिखारी की तरह व्यवहार किया जा रहा है।' उन्होनें पूछा, 'मैं इस उम्र में कहां जाऊं।'

एक अन्य प्रदर्शनकारी दलवीर कौर ने कहा कि वह रोज-रोज के विरोध प्रदर्शन से थक गई है, लेकिन मौजूदा संकट से बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं दिखता। उन्होंने कहा, 'मैं क्या करूं? मेरे पास पैसा नहीं है। यह (पैसा) बैंक में अटका हुआ है। मेरे बहुत सारे मासिक खर्च हैं और मुझे समझ नहीं आ रहा है कि मैं क्या करूं।

एक अन्य वरिष्ठ नागरिक वीपी शिंदे ने कहा, 'कई लोग इस तरह के विरोध प्रदर्शन के दौरान बेहोश हो गए और फिर भी सरकार उनकी मांगों पर सहानुभूति नहीं दिखा रही है। मैं बहुत बूढ़ा हो गया हूं। यदि सरकार चाहे तो वे हमारे मुद्दों को जल्दी से हल कर सकती हैं। लेकिन सरकार ने हम सभी को मरने के लिए छोड़ दिया है।'

प्रदर्शनकारियों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को संबोधित एक याचिका तैयार की है और इसे जल्द ही प्रस्तुत किया जाएगा।

एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा, 'हमारा विरोध दैनिक आधार पर जारी रहेगा। जब तक हमें यह आश्वासन नहीं मिल जाता कि हमारा मुश्किलों से कमाया गया पैसा सुरक्षित है, हम हार नहीं मानेंगे।'

पीएमसी का डूबा 4355 करोड़ का लोन
पीएमसी बैंक ने अनियमितता बरतते हुए एचडीआईएल (हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड) को हजारों करोड़ रुपए का लोन बांटा था। इसके कारण कम से 4,355 करोड़ रुपए का लोन डूब जाने का अनुमान है। बैंक के कर्मचारियों ने एचडीआईएल के खाते को एनपीए घोषित करने से बचाए रखने के लिए कई डमी अकाउंट्स का इस्तेमाल किया था।

EOW ने किया राकेश और सारंग को गिरफ्तार
इस मामले में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने एचडीआईएल  के दो प्रमोटरों, राकेश वाधवन और उनके बेटे सारंग वाधवन को गिरफ्तार किया था। ईओडब्लू ने दावा किया था कि शुरुआती जांच में पता चला है कि बैंक के साफ्टवेयर के साथ कुछ छेड़छाड की गई थी ताकि 44 खातों को छुपाया जा सके। इन खातों का संबंध एचडीआईएल से होने की आशंका है।

1984 में हुई थी PMC बैंकी स्थापना
पंजाब ऐंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक की स्थापना 1984 में की गई थी। बैंक ने कुल 8,300 करोड़ के कर्ज दे रखे हैं जबकि बैंक में खातेदारों के 11,600 करोड़ रुपये जमा हैं। इस बैंक की 7 राज्यों महाराष्ट्र, दिल्ली, कर्नाटक, गुजरात, गोवा, आंध्र प्रदेश और एमपी में शाखाएं है। इसमें से अकेले महाराष्ट्र में 103 शाखाएं है जबकि कर्नाटक में 15, गोवा में 6 और दिल्ली में 6 शाखाएं है।

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