बालाघाट : नक्सली गतिविधियां रोकने के लिए खास रणनीति की तैयारी

August 30th, 2021

हाईलाइट

  • बालाघाट नक्सली गतिविधियां रोकने के लिए खास रणनीति की तैयारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश का बालाघाट जिला नक्सल प्रभावित क्षेत्र है। यहां नक्सली समूहों की सक्रियता गाहे-बगाहे छिट-पुट घटनाएं सामने आती रहती है। सुरक्षा बल भी इन नक्सलियों की गतिविधियां पर नजर रखते है, कुल मिलाकर यहां बड़ी वारदात तो नहीं हुई मगर लोगों के बीच इनका डर जरुर बढ़ा है। यही कारण है कि सरकार इस जिले में खास रणनीति बनाने जा रही है।

बालाघाट जिला महाराष्ट और छत्तीसगढ़ राज्यों की सीमा पर स्थित है, इन दोनों राज्यों के सीमावर्ती जिले भी नक्सल प्रभावित है। इतना ही नहीं दोनों राज्यों के नक्सली बालाघाट के जंगलों में डेरा डाले रहते है। बीच-बीच में घटनाएं भी सामने आती रहती है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी इस पर रणनीति बनाने पर जोर दिया हैं।

ज्ञात हो कि बालाघाट में पुलिस की सक्रियता बनी हुई है, यहां गाहे-बगाहे नक्सलियों के सक्रिय होने की खबरें आते हैं। छोटी मेाटी वारदातें भी होती रहती है। पिछले दिनों पुलिस ने यहां बिरसा थाना क्षेत्र के जरासी गांव में आठ लाख रुपए के इनामी नक्सली संदीप उर्फ लक्खू केा पकड़ने में सफलता पाई थी । इस पर 20 से ज्यादा मामले दर्ज हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बालाघाट जिले के विकास एवं नक्सली गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए विकासखंडवार अलग-अलग कार्य-योजना तैयार की जायें। जिससे विकास कार्यों को गति मिलने के साथ ही स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर सुलभ हो सकें।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि नक्सल गतिविधियों पर रोक लगाने में पुलिस के जवानों ने अच्छा काम किया है। जिले में पुलिस एवं अन्य विभागों में विशेष भर्ती के लिए विचार किया जा रहा है। नक्सल उन्मूलन में जान की बाजी लगाने वाले जवानों को आउट ऑफ टर्न पदोन्नति दी जा रही है। नक्सल प्रभावित विकासखंडों के ग्रामों में सड़क सम्पर्क, सिंचाई एवं रोजगार पर विशेष ध्यान दिया जाये। पात्र लोगों को प्राथमिकता से वन अधिकार के पटटे दिये जायें। प्रदेश सरकार बालाघाट जिले के विकास कार्यों के लिए राशि की कमी नहीं आने देगी।

सरकार जहां एक ओर नक्सलियों का प्रभाव कम करने के लिए रणनीति बनाने पर जोर दे रही है, वहीं इस क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार पर खास ध्यान दिया जा रहा हैं। यहां बीते समय में हुए निवेष के चलते लगभग 10 हजार लोगों को रोजगार भी मिलने के आसार है। बालाघाट जिले में बायो फ्यूल एथेनॉल की यूनिट लगाने एवं फैरो मैंगनीज इकाई लगाने पर उद्यमियों ने रूची दिखाई है।

 

(आईएएनएस)