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भारत बंद के बाद भी नहीं थमी पेट्रोल-डीजल की कीमतें, आज भी बढ़े दाम

September 11th, 2018 18:29 IST
भारत बंद के बाद भी नहीं थमी पेट्रोल-डीजल की कीमतें, आज भी बढ़े दाम

हाईलाइट

  • पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी
  • दिल्‍ली में पेट्रोल 0.14 पैसे प्रति लीटर बढ़कर 80.87 रुपए हुआ
  • मुंबई में मंगलवार को पेट्रोल 88.26 रुपए/लीटर बिकेगा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मंगलवार को एक बार फिर बढ़ोतरी हुई। मंगलवार को दिल्‍ली में पेट्रोल 0.14 पैसे प्रति लीटर बढ़कर 80 रुपये 87 पैसे प्रति लीटर पर पहुंच गया है। डीजल का रेट भी 0.14 पैसे प्रति लीटर बढ़कर 72 रुपये 97 पैसे प्रति लीटर हो गया है। शनिवार को दिल्‍ली में पहली बार पेट्रोल की कीमतों ने 80 रुपये प्रति लीटर का आंकड़ा पार किया था। आर्थिक राजधानी मुंबई में मंगलवार को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 14 पैसे और 15 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई। एक लीटर पेट्रोल 88 रुपये 26 पैसे वहीं डीजल 77 रुपये 47 पैसे प्रति लीटर की दर से बिक रहा है।


तो इसलिए बढ़ रही हैं कीमतें
जानकारों का मानना है कि आने वाले वक्त में भारतीय बाजारों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें और बढ़ सकती हैं। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफे के पीछे रुपया एक बड़ा कारण है। रुपये में गिरावट के चलते ही तेल कंपनियां लगातार कीमतों में बदलाव कर रही हैं। दरअसल, कंपनियां डॉलर में तेल का भुगतान करती हैं, जिसकी वजह उन्हें अपना मार्जिन पूरा करने के लिए तेल की कीमतों को बढ़ाना पड़ रहा है। विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर टैक्स कम करे और इसे जीएसटी के दायरे में लाए, लेकिन केंद्र सरकार पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के लिए अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को जिम्मेदार ठहरा रही है।

महंगाई के विरोध में बंद था भारत
गौरतलब है कि पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ रही कीमतों के विरोध में  कांग्रेस ने सोमवार भारत बंद का आह्वान किया था। इसे तृणमूल कांग्रेस को छोड़कर 21 दलों ने अपना समर्थन दिया। भारत बंद के दौरान जगह-जगह पर प्रदर्शन किया गया। बिहार में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने जमकर आगजनी और तोड़फोड़ की। इस बीच रामलीला मैदान के पास धरने में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि पीएम भाषण देते रहते हैं, लेकिन वे सुनते सिर्फ उद्योगपतियों की हैं। भारत बंद में शामिल होने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी कैलाश मानसरोवर यात्रा से वापस दिल्ली पहुंचे थे। राहुल कांग्रेस नेताओं के साथ महात्मा गांधी की समाधि स्थल राजघाट पहुंचे और यहां से रामलीला मैदान के लिए रवाना हुए। दिल्ली के रामलीला मैदान के पास कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन किया गया।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।