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नेपाल नक्शा विवाद पर राष्ट्र को विश्वास में लें प्रधानमंत्री : कांग्रेस

June 10th, 2020 22:30 IST
 नेपाल नक्शा विवाद पर राष्ट्र को विश्वास में लें प्रधानमंत्री : कांग्रेस

हाईलाइट

  • नेपाल नक्शा विवाद पर राष्ट्र को विश्वास में लें प्रधानमंत्री : कांग्रेस

नई दिल्ली, 10 जून (आईएएनएस)। नेपाल की प्रतिनिधि सभा द्वारा ऐसे नए नक्शे का समर्थन करने के बाद जिसमें भारतीय क्षेत्र शामिल हैं, कांग्रेस ने कहा है कि यह राष्ट्रीय चिंता का विषय है और मांग की कि सरकार संसदीय लोकतंत्र की अपेक्षाओं के अनुरूप राष्ट्र को विश्वास में ले और रानीतिक दलों को इस पर जानकारी दे।

पूर्व केंद्रीय मंत्री व राज्यसभा सदस्य आनंद शर्मा ने कहा, भारत-नेपाल संबंधों में हालिया घटनाक्रम और कालापानी-लिपुलेख क्षेत्र पर विवाद, नेपाल द्वारा एक नए नक्शे का प्रकाशन जिसमें इन क्षेत्रों को नेपाली क्षेत्र के रूप में दर्शाया गया है, यह राष्ट्रीय चिंता की बात है।

कांग्रेस नेता ने मांग की कि केंद्र राष्ट्र को विश्वास में ले और राजनीतिक दलों के नेतृत्व को इस बारे में अवगत कराए, जैसा कि संसदीय लोकतंत्र में अपेक्षित है।

कांग्रेस ने कहा कि भारत और नेपाल आपसी सम्मान, मित्रता और विश्वास पर आधारित एक ऐतिहासिक और समय पर खरे उतरे संबंध साझा करते हैं। भारत और नेपाल के लोगों के बीच मजबूत सांस्कृतिक संबंध और साझा परंपराएं दोनों देशों के रिश्ते को अद्वितीय और विशेष बनाती हैं।

पार्टी ने कहा कि दोनों देशों ने एक-दूसरे के संवेदनशील मुद्दों को पहचानने और सम्मान करने के लिए एक रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा देने में काफी निवेश किया है। भारत और नेपाल के बीच बातचीत के माध्यम से किसी भी विवाद और मतभेद को सुलझाने के लिए एक स्थापित द्विपक्षीय तंत्र है।

शर्मा ने कहा, यह खेदजनक है कि वर्तमान गतिरोध इस स्तर पर पहुंच गया है, जिससे मैत्रीपूर्ण संबंध तनावपूर्ण हो गया है। इसे तत्काल संबोधित करने की आवश्यकता है। भारत ने हमेशा नेपाल की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया है।

कांग्रेस ने अपने बयान में कहा कि दोनों देशों ने सीमा के 98 प्रतिशत मुद्दों को सफलतापूर्वक सुलझा लिया है। दोनों पक्ष घनिष्ठ मित्रता और आपसी विश्वास की समान भावना से सभी विवादों को निपटाने की इच्छा व्यक्त करते रहे हैं। पार्टी का मानना है कि कूटनीति और वार्ताओं को वर्तमान मुद्दे को हल करने का मौका दिया जाना चाहिए।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।