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प्रियंका का मोदी पर तंज, कहा- जनता की समस्या सुनना नहीं चाहते पीएम, क्या यही है राष्ट्रवाद

प्रियंका का मोदी पर तंज, कहा- जनता की समस्या सुनना नहीं चाहते पीएम, क्या यही है राष्ट्रवाद

हाईलाइट

  • उत्तर प्रदेश के दौरे पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी।
  • मुझे नहीं पता पीएम मोदी की जाति: प्रियंका गांधी

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। लोकसभा चुनाव के चौथे चरण का प्रचार थमने के बाद राजनीतिक दलों ने 5वें चरण की तैयारी शुरू कर दी है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी आज (रविवार) उत्तर प्रदेश के दौरे पर हैं। प्रियंका ने अमेठी के मेदरका गांव में ग्रामीण महिलाओं के साथ बातचीत की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी जनता की समस्याएं तक सुनना नहीं चाहते, ये किस तरह का राष्ट्रवाद है। प्रियंका गांधी ने बहराइच में जनसभा को संबोधित किया। इससे पहले उन्होंने चुनावी मुद्दों और पीएम मोदी की जाति को लेकर बयान दिया। 

दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खुद को अति पिछड़ा बताने पर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी प्रधानमंत्री पर हमला बोला है। प्रियंका ने कहा, मुझे आजतक नहीं मालूम कि प्रधानमंत्री कौन सी जाति के हैं। मेरे ख्याल से विपक्ष ने कभी इस तरीके से बात नहीं की। प्रियंका ने कहा, 'जहां तक विपक्ष की बात है तो मैं जानती हूं कि खास तौर पर कांग्रेस के नेता सिर्फ विकास के मुद्दे उठा रहे हैं। हमने उनके (पीएम मोदी) खिलाफ कभी कोई व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं की। 

अमेठी में चुनावी मुद्दो को लेकर प्रियंका ने कहा, मुद्दे तो स्पष्ट हैं, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य। राष्ट्रवाद लोगों की समस्याओं को हल करने के लिए है। यहां वे लोगों की बात नहीं सुनते, जब लोग अपने मुद्दे उठाते हैं तो वे उन्हें दबा देते हैं, यह न तो लोकतंत्र है और न ही राष्ट्रवाद।

मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए प्रियंका ने कहा, जिस तरह से वे मीडिया के सामने पैसे, साड़ी और जूते बांटकर चुनाव लड़ते हैं, वह गलत है। उन्होंने कहा, अमेठी के लोगों ने कभी किसी के सामने भीख नहीं मांगी। मैं 12 साल की उम्र से यहां आ रही हूं, अमेठी और रायबरेली के लोगों में बहुत आत्मसम्मान है।

बता दें कि लोकसभा चुनाव प्रचार के लिए कांग्रेस महासचिव और पूर्वी यूपी की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा लगातार उत्तर प्रदेश में चुनावी रैलियां और रोड शो कर रही हैं। शनिवार को उन्होंने बाराबंकी में जनसभा को संबोधित किया था। जनसभा से पहले प्रियंका ने उन्नाव में रोड शो किया था। वह यहां कांग्रेस की प्रत्याशी अन्नू टंडन के पक्ष में प्रचार करने पहुंची थी।

29 अप्रैल को होगा चौथे चरण का मतदान
चौथे चरण में उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान समेत 9 राज्यों में 71 सीटों पर मतदान होगा। 29 अप्रैल को होने वाले मतदान में जिन दिग्गजों की किस्मत दांव पर होगी उनमें उत्तर प्रदेश में कन्नौज से डिंपल यादव, उन्नाव लोकसभा सीट से साक्षा महाराज और फर्रुखाबाद से सलमान खुर्शीद हैं।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।