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कांग्रेस ने कहा, प्रियंका गांधी वाड्रा का भी मोबाइल हैक किया गया

कांग्रेस ने कहा, प्रियंका गांधी वाड्रा का भी मोबाइल हैक किया गया

हाईलाइट

  • कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं
  • कांग्रेस ने दावा किया कि पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी का फोन हैक किया गया था
  • इस खुलासे के बाद केंद्र सरकार से सुरजेवाला ने 5 सवाल पूछे हैं?

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने दावा किया कि पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी का फोन हैक किया गया था। व्हाट्सएप के एक मैसेज से ये खुलासा हुआ है। सुरजेवाला ने कहा कि व्हाट्सएप ने उन सभी को मैसेज भेजे जिनके फोन हैक हुए थे, ऐसा ही एक मैसेज प्रियंका गांधी वाड्रा को भी मिला। उन्होंने सरकार से जासूसी मामले की जांच करवाने की भी मांग की। इस खुलासे के बाद केंद्र सरकार से सुरजेवाला ने 5 सवाल पूछे हैं?

1. क्या भाजपा सरकार 2019 के आम चुनाव के दौरान राजनेताओं, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं की जासूसी कर रही थी? 
2. भारत सरकार में किसने पेगासस के गैर-कानूनी एवं असंवैधानिक इस्तेमाल की इजाजत दी?
3. इसकी खरीद की इजाजत किसने दी?
4. भारत सरकार जानकारी के बावजूद इस मामले पर चुप्पी क्यों साधे हुए है?
5. जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होगी?

सुरजेवाला ने कहा, 'पिछले दिनों देश में एक जासूसी कांड सामने आया। जिससे साफ हुआ कि किस तरह भाजपा सरकार और उसकी एजेंसियों ने गैर-कानूनी और असंवैधानिक ढंग से इजरायली कम्पनी NSO का पेगासस सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करके विभिन्न क्षेत्र के लोगों के फोन हैक किए। उन्होंने बताया कि इस प्रकरण से जुड़े तीन तरह के कागजात सामने आए हैं:

- 2019 के आम चुनाव के दौरान पेगासस स्पाईवेयर के जरिए राजनेताओं, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं के फोन टेप किए गए। भाजपा सरकार को इसकी पूरी जानकारी थी। यह उनकी षड़यंत्रकारी संलिप्तता को दर्शाता है

-इजरायली कम्पनी NSO का पेगासस स्पाईवेयर केवल सरकार को ही बेचा जा सकता है, किसी निजी संस्था या व्यक्ति को नहीं

-तीसरे कागजात के अनुसार ये पेगासस स्पाईवेयर भारत में राजनेताओं और पत्रकारों की जासूसी के लिए इस्तेमाल किया गया

-सबसे चौंकाने वाला तथ्य है कि इस सॉफ्टवेयर के द्वारा कौनसे ब्रॉडबैंड और इंटरनेट करप्ट कर लिए गए? उसके कागजात भी सामने आए हैं

सुरजेवाला ने कहा 'मोदी सरकार इस मामले में लगातार झूठ बोलती रही है। आज भी पत्रकारों और चैनल को डराकर कहानियां प्लांट की जा रही है। अभी तक उन्होंने अपनी संलिप्तता की बात नहीं स्वीकारी।' उन्होंने कहा कि पेगासस सॉफ्टवेयर को सिर्फ भारत सरकार ही खरीद सकती है।

एक रिपोर्ट में सामने आया है कि इसके जरिए राजनेताओं की भी जासूसी हो रही थी। पेगासस स्पाईवेयर से प्रभावित होने वालों में MTNL, NIB, NIC, Hathway जैसे कनेक्शन शामिल थे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह कांड कितना बड़ा था।


 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।