दैनिक भास्कर हिंदी: भीमा कोरेगांव हिंसा : पुणे पुलिस ने दायर की 5 एक्टिविस्टों के खिलाफ चार्जशीट

November 16th, 2018

हाईलाइट

  • पुणे पुलिस ने गुरुवार को भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में गिरफ्तार किए गए पांचों एक्टिविस्टों के खिलाफ चार्जशीट दायर की।
  • इस साल जून में माओवादी लिंक सामने आने के बाद पांचो एक्टिविस्टों को गिरफ्तार किया गया था।
  • ACP शिवाजी पवार ने एडिशनल सेशन जज केडी वाडाने की अदालत में 5000 पेज की ये चार्जशीट दायर की है।

डिजिटल डेस्क, पुणे। पुणे पुलिस ने गुरुवार को भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में मामले में गिरफ्तार किए गए पांचों एक्टिविस्टों के खिलाफ चार्जशीट दायर की। पांचों एक्टिविस्ट केरल निवासी रोना विल्सन, नागपुर स्थित वकील सुरेंद्र गाडलिंग, नागपुर विश्वविद्यालय की प्रोफेसर शोमा सेन, रिपब्लिकन पैंथर्स के सुधीर धावले और कार्यकर्ता महेश राउत को इस साल जून में माओवादी लिंक सामने आने के बाद गिरफ्तार किया गया था। मामले के जांच कर रहे ACP शिवाजी पवार ने एडिशनल सेशन जज केडी वाडाने की अदालत में 5000 पेज की ये चार्जशीट दायर की है।

6 जून को पुलिस ने इस मामले में विल्सन, गाडलिंग, सेन, राउत और धावले को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोप लगाया था कि इन संदिग्धों ने एल्गर परिषद के लिए प्रतिबंधित सीपीआई-माओवादियों के धन को उपलब्ध कराने में भूमिका निभाई है। सभी को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत चार्ज किया गया था।

28 अगस्त को गिरफ्तारी के दूसरे दौर में, पुलिस ने पांच प्रमुख कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज, वरवर राव, वर्नोन गोंजाल्विस, अरुण फेरेरा और गौतम नवलखा के घरों पर छापे मारे थे। पुलिस ने इन्हें सक्रिय सीपीआई-माओवादी संगठन का सदस्य बताया था। पुलिस ने इन लोगों के लैपटॉप, मोबाइल और कुछ दस्तावेज भी जब्त किए थे।

गौरतलब है कि साल 2018 की शुरुआत में पुणे के पास भीमा-कोरेगांव में जातीय हिंसा भड़क गई थी। इस हिंसा में 1 की मौत हो गई थी, जिसके बाद पूरे महाराष्ट्र के अलग-अलग जिलों में हिंसा फैल गई थी। इस पूरे मामले में पुलिस ने FIR दर्ज करते हुए महाराष्ट्र, झारखंड, महाराष्ट्र और दिल्ली समेत अन्य राज्यों में जगह-जगह छापेमार कार्रवाई की थी। इस पूरे मामले में नक्सलियों के हाथ होने की भी बात सामने आई थी।
 

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