दैनिक भास्कर हिंदी: राफेल डील पर फ्रांस सरकार का बयान, रिलायंस को चुनने में हमारी भूमिका नहीं

September 22nd, 2018

हाईलाइट

  • राफेल डील पर घमासान के बाद सामने आया फ्रांस सरकार का बयान।
  • राफेल डील में पार्टनर का चुनाव का दसॉल्ट एविएशन ने किया था।
  • भारतीय औद्योगिक पार्टनर के चुनाव में फ्रांस सरकार की भूमिका नहीं।
  • फ्रेंच कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट के लिए भारतीय कंपनी का चुनाव करने की आजादी थी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राफेल डील पर मचे घमासान के बीच इस पर फ्रांस सरकार का बयान सामने आया है। डील के लिए भारत सरकार की तरफ से रिलायंस का नाम प्रस्तावित करने के मामले में फ्रांस सरकार ने साफ किया है कि, इस सौदे में दसॉल्ट एविएशन कंपनी ने रिलायंस को चुना था। फ्रांस की कंपनियां अपने पार्टनर चुनने के लिए स्वतंत्र हैं,  इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं है।

 

राफेल डील पर फ्रांस सरकार का बयान

फ्रांस सरकार का कहना है कि भारतीय औद्योगिक पार्टनर के चुनाव में उनकी किसी तरह की भूमिका नहीं रही है। फ्रांस की कंपनियां इस मामले में भारत की सहयोगी कंपनियों का चुनाव करने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र हैं। फ्रांस सरकार के प्रवक्ता ने कहा, फ्रांस सरकार भारतीय पार्टनर के चुनाव में शामिल नहीं है, जिन्हें फ्रांसीसी कंपनियां चुन रही हैं या फिर उनकी तरफ से चुना जाएगा। भारत में अधिग्रहण प्रक्रिया के तहत कंपनियों का फैसला होता है कि वे किसे वरीयता देती हैं।

 

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दसॉल्ट को रिलायंस बेहतर विकल्प लगा

फ्रांस सरकार ने यह भी कहा, दसॉल्ट ने सबसे बेहतर विकल्प को चुना था। इस तरह फ्रांस सरकार ने स्पष्ट किया है कि, राफेल डील में पार्टनर का चुनाव दसॉल्ट ने किया था ना कि भारत सरकार ने। फ्रांस सरकार के मुताबिक, उनका काम विमानों की डिलीवरी और क्वालिटी सुनिश्चित कराना है। डील के तहत फ्रांस की कंपनियों ने भारत की कई फर्म के साथ करार किया है। इनमें निजी और सरकारी कंपनियां शामिल हैं।

 

फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति ने किया था खुलासा 

गौरतलब है कि फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के खुलासे के बाद फ्रांस सरकार की ओर से यह बयान दिया गया है। पूर्व राष्ट्रपति ओलांद ने कहा था 58 हजार करोड़ रुपये के राफेल डील में दसॉल्ट एविएशन के पार्टनर के लिए भारत सरकार ने अनिल अंबानी की रिलायंस का नाम प्रस्तावित किया था और दसॉल्ट एविएशन के पास दूसरा कोई विकल्प नहीं था। फ्रांस की एक न्यूज वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में ओलांद ने ये खुलासा किया था। जिसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा था।


पीएम मोदी पर राहुल ने किया था वार

राहुल गांधी ने कहा था, पीएम मोदी ने खुद डील में हिस्सा लिया और बंद दरवाजों के पीछे इसे बदल दिया। उन्होंने फ्रांस्वा ओलांद का शुक्रिया करते हुआ कहा कि उनकी वजह से अब ये बात सामने आ गई है कि कैसे करोड़ों डॉलर की डील अनिल अंबानी को मिल गई। राहुल ने कहा पीएम ने देश के साथ धोखा किया है, यही नहीं उन्होंने सैनिकों के खून का भी अपमान किया है।   

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