दैनिक भास्कर हिंदी: एयर स्ट्राइक पर बोले सैम पित्रोदा, 'कुछ लोगों की गलती की सजा पूरे पाक को देना सही नहीं'

March 22nd, 2019

हाईलाइट

  • सैम पित्रोदा ने एयर स्ट्राइक पर उठाए सवाल। 
  • 300 आतंकी मारे गए तो पूरी दुनिया को क्यों नहीं दिखा। 
  • पुलवामा हमले के लिए पूरे पाकिस्तान पर आरोप लगाना सही नहीं।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद भारत की तरफ से की गई एयर स्ट्राइक को लेकर कांग्रेस लगातार सवाल खड़े कर रही है। कांग्रेस नेता सरकार से पाकिस्तान पर की गई एयर स्ट्राइक के सबूत मांग रहे है। अब कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा ने एयर स्ट्राइक को लेकर सवाल खड़े किए हैं। पित्रोदा ने सवाल किया है कि, अगर हमले में 300 आतंकी मारे गए है तो पूरी दुनिया को क्यों नहीं दिखा। इतना ही नहीं उन्होंने ये भी कहा है कि, कुछ लोगों की गलती की सजा पूरे पाकिस्तान को देना ठीक नहीं है।

गांधी परिवार के बेहद करीबी और इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के चीफ सैम पित्रोदा ने पुलवामा हमले पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा पुलवामा हमले के लिए पूरे पाकिस्तान पर आरोप लगाना सही नहीं है। उन्होंने मुंबई हमले के लिए पूरे पाकिस्तान को दोषी बताने को गलत करार दिया है। सैम पित्रौदा ने कहा, मैं हमले के बारे में ज्यादा नहीं जानता। यह हर तरह के हमले की तरह है। मुंबई में भी ऐसा हुआ था। हमने इस बार रिएक्ट किया और कुछ जहाज भेज दिए, लेकिन यह सही तरीका नहीं है।

 

 

सैम पित्रौदा ने ये भी कहा कि, पुलवामा हमले के लिए पूरे पाकिस्तान पर आरोप लगाना सही नहीं है। कुछ लोगों की गलती की सजा पूरे देश को नहीं दी जानी चाहिए। इसी तरह मुंबई में (26/11 आतंकी हमला) 8 लोग आते हैं और हमला कर देते हैं। इसके लिए पूरे देश (पाकिस्तान) पर आरोप नहीं लगा सकते। कुछ लोग यहां आते हैं और हमला करते हैं तो इसके लिए किसी देश के सभी नागरिकों पर आरोप नहीं लगा सकते। मैं नहीं मानता कि ये सही तरीका है।
 

एयर स्ट्राइक के सबूत को लेकर पित्रोदा ने कहा, मैं एयर स्‍ट्राइक में 300 से अधिक आतंकियों के मारे जाने की बात मानता हूं, लेकिन मैं चाहता हूं कि आप हमें इससे जुड़े और तथ्‍य दें। उन्‍होंने कहा, मैने न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स और दूसरे अखबारों की रिपोर्ट पढ़ी है, उसमें कहा गया है हमले में कोई भी नहीं मारा गया। ऐसे में मैं इस बारे में और तथ्‍य जानना चाहता हूं।
 

पित्रोदा ने कहा, एक नागरिक के रूप में सच जानना मेरा कर्तव्‍य है और यदि मैं यह सवाल उठाता हूं तो इसका मतलब नहीं है कि मैं राष्‍ट्र विरोधी हूं।