comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

राहुल गांधी बोले- गलत बयानबाजी करने वाले पार्टी नेताओं पर करूंगा कार्रवाई

July 23rd, 2018 15:12 IST

हाईलाइट

  • कांग्रेस प्रेसिडेंट राहुल गांधी ने अपने पार्टी नेताओं को चेतावनी दी।
  • राहुल गांधी ने कहा गलत बयानबाजी करने वाले नेताओं पर होगी कार्रवाई।
  • माना जा रहा है कि पार्टी सांसद शशि थरूर के हालिया बयानों के देखते हुए राहुल गांधी ने ये बात कही है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कांग्रेस प्रेसिडेंट राहुल गांधी ने अपने पार्टी नेताओं को चेतावनी दी है। रविवार को दिल्ली में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में राहुल गांधी ने कहा कि मैं एक बड़ी लड़ाई लड़ रहा हूं। हर किसी को पार्टी फोरम में बात रखने का हक है, लेकिन अगर कोई भी पार्टी नेता गलत बयानबाजी करके इस लड़ाई को कमजोर करता है तो फिर मैं उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने में संकोच नहीं करूंगा। माना जा रहा है कि पार्टी सांसद शशि थरूर के हालिया बयानों के देखते हुए राहुल गांधी ने ये बात कही है।

क्या कहा था शशि थरूर ने?
शशि थरूर ने हाल ही में तिरूवनंतपुरम में एक सभा को संबोधित करते हुए बीजेपी से सवाल किए थे कि क्‍या मुझे देश में रहने का अधिकार नहीं है? क्‍या वे लोग हिंदुत्‍व के अंदर तालिबान की शुरुआत नहीं कर रहे हैं ? क्या 'हिन्दुवाद का तालिबानीकरण’ शुरू हो गया है? उन्होंने कहा था, वे मुझसे पाकिस्तान जाने के लिए कह रहे हैं। यह फैसला करने का अधिकार उन्हें किसने दिया कि मैं उनके जैसा हिन्दू नहीं हूं। इस बयान के बाद शशि थरूर चौतरफा घिर गए थे। बीजेपी नेताओं ने 'हिंदू तालिबान' शब्द का उपयोग करने पर शशि थरूर पर जमकर निशाना साधा था। बीजेपी नेताओं का कहना था कि एक के बाद एक हिंदू विरोधी बयान देकर शशि थरूर हिंदू धर्म का अपमान कर रहे हैं। इसके लिए उन्हें और उनकी पार्टी को माफी मांगनी चाहिए।

हिन्दू पाकिस्तान के बयान से हुआ था बवाल
इससे पहले भी थरूर ने तिरूवनंतपुरम में एक सभा को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी करके बड़ा विवाद पैदा कर दिया था कि अगर बीजेपी फिर से सत्ता में आई तो वह संविधान को फिर से लिखेगी और ‘हिन्दू पाकिस्तान’ बनाने का रास्ता तैयार करेगी। इस बयान के बाद थरूर के निर्वाचन क्षेत्र तिरुवनंतपुरम स्थित उनके ऑफिस में कुछ उपद्रवियों ने जमकर तोड़फोड़ की थी। यही नहीं, नाराज लोगों ने उनके कार्यालय की दीवारों पर ब्लैक ऑइल भी फेंका था। लोगों ने इसके साथ ही थरूर के ऑफिस के बाहर लगे हुए बोर्ड को उखाड़कर, उसकी जगह एक नया बोर्ड लगा दिया। इस बोर्ड पर 'थरूर का पाकिस्तान दफ्तर' लिख दिया गया।

कमेंट करें
zNjQH
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।