दैनिक भास्कर हिंदी: राहुल गांधी ने पूछा- मोदी जी एक दिन रेप पीड़िता के पिता की मौत पर भी उपवास रखेंगे ?

April 11th, 2018

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कांग्रेस के उपवास के जवाब में प्रधानमंत्री मोदी भी अपने सांसदों के साथ 12 अप्रैल को पूरे दिन उपवास रखेंगे। मोदी हाल में आयोजित बजट सत्र में विपक्ष द्वारा संसद की कार्यवाही नहीं चलने देने के विरोध में ये उपवास रखेंगे. पीएम के उपवास पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने चुटकी ली है। राहुल गांधी ने कहा है कि उम्मीद है उन्नाव में रेप पीड़िता के पिता की मौत के लिए भी प्रधानमंत्री उपवास करेंगे। राहुल गांधी ने अपने इस ट्वीट में लिखा- UP में अपनी बेटी के लिए न्याय की गुहार कर रहे एक पिता पर हुई बर्बरता ने मानवता को शर्मसार कर दिया है। आशा है कि प्रधानमंत्रीजी भाजपा शासन में महिलाओं पर हो रहे अत्याचार, कानून तंत्र की विफलता और बढ़ती अराजकता के लिए भी जल्द ही उपवास रखेंगे।

बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को राजघाट पर उपवास रखा था। उनके साथ कांग्रेस के कई बड़े नेता भी इसमें शामिल हुए थे। हालांकि बाद में कांग्रेस का उपवास विवादों में आ गया। दरअसल उपवास पर जाने से पहले कांग्रेस के अजय माकन, अरविंदर सिंह लवली संग, हारून यूसुफ के छोले भठूरे खाने की फोटो वायरल हो गई थी। जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने इसे उपहास करार दिया था। उधर, राहुल गांधी ने बीजेपी सरकार पर दलित और अल्पसंख्यक विरोधी होने का आरोप लगाया और इसी के विरोध में सोमवार को उपवास रखा था।

 


गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के उन्नाव में एक लड़की ने बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर गैंगरेप का आरोप लगाया है। अपनी शिकायत पर पुलिस के रवैये को देखते हुए पीड़िता ने लखनऊ में योगी आदित्यनाथ के आवास के पास आत्मदाह करने की कोशिश भी की थी। मामला ने तब और ज्यादा तूल पकड़ लिया जब आरोपी विधायक ने कथित तौर पर रेप पीड़िता के पिता के साथ मारपीट की। सोमवार को पीड़िता के पिता की मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम में बताया गया कि उनकी मौत बुरी तरह से पीटे जाने के कारण हुई है।

मंगलवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया था और बुधवार को ही टीम पीड़िता के गांव पहुंच गई। बताया जा रहा है कि पीड़िता के गांव पहुंची SIT की टीम उससे पूछताछ कर रही है। इस बीच ये मामला अब इलाहाबाद हाइकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंच गया है। इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से पूरी रिपोर्ट मांगी है, वहीं सुप्रीम कोर्ट में भी इस मामले को लेकर जल्द ही सुनवाई हो सकती है।