दैनिक भास्कर हिंदी: मोदी के लिए ILFS का मतलब I Love Financial Scams तो नहीं : राहुल गांधी

October 1st, 2018

हाईलाइट

  • IL&FS को कर्ज से उबारने की कोशिशों पर राहुल ने साधा पीएम मोदी पर निशाना
  • 91 हजार करोड़ के कर्ज में डूबी है IL&FS
  • LIC, ओरिक्स कॉर्प और SBI ने हाल ही में की है IL&FS में हिस्सेदारी बढ़ाने की घोषणा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। 91 हजार करोड़ के कर्ज में डूबी इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज (IL&FS) की मदद के लिए LIC, ओरिक्स कॉर्प और SBI के आगे आने पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने केन्द्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने मोदी सरकार पर जनता के पैसे से IL&FS को बेलआउट पैकेज देने का आरोप लगाया है। राहुल गांधी ने नरेन्द्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री रहते IL&FS को दिए गए 70,000 करोड़ के प्रोजेक्ट पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि पीएम मोदी ने गुजरात सीएम रहते हुए IL&FS को बिना सोचे समझे प्रोजेक्ट दे दिए, जबकि आज तक ये प्रोजेक्ट्स पूरे नहीं हुए। 

राहुल गांधी ने रविवार को इस मामले पर एक के बाद एक दो ट्वीट कर पीएम मोदी पर निशाना साधा। फिल्मी अंदाज में ट्वीट करते हुए राहुल ने लिखा, 'लाइटस, कैमरा, स्कैम...सीन 1: 2007, CM मोदी IL&FS कंपनी को 70,000 करोड़ का प्रोजेक्ट GIFT CITY देते हैं। आजतक कुछ काम नहीं। जालसाजियां आईं सामने।... सीन 2: 2018, PM मोदी LIC-SBI में लगे जनता के पैसे से 91000 करोड़ की कर्जदार IL&FS को बेलआउट दे रहे हैं।...चौकीदार की दाढ़ी में तिनका'

 

 

राहुल गांधी एक और ट्वीट करते हुए लिखते हैं, 'मोदीजी, आपकी चहेती निजी कम्पनी ILFS डूबने वाली है। आप LIC का पैसा लगाकर उसे बचाना चाहते हो क्यों?...LIC देश के भरोसे का चिन्ह है। एक-एक रुपया जोड़कर लोग LIC की पॉलिसी लेते हैं। उनके पैसे से जालसाजों को क्यों बचाते हो?..कहीं आपके लिए ILFS का मतलब ‘I Love Financial Scams' तो नहीं?'

 

 

बता दें कि IL&FS कंपनी पर कुल मिलाकर 91 हजार करोड़ का कर्ज है। कंपनी के कई प्रोजेक्ट्स अधूरे है, जिसके चलते कंपनी को पैसा नहीं मिल रहा है। कंपनी की कुल 250 से अधिक सब्सिडियरीज और ज्वाइंट वेंचर्स हैं। कर्ज में डूबने के चलते शनिवार को कंपनी को बड़ी राहत उसके शेयरधारक LIC, ओरिक्स कॉर्प और SBI से मिली थी। इन तीन कंपनियों ने राइट्स इश्यू खरीद के माध्यम से कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का ऐलान किया था। वर्तमान में कंपनी में LIC की 25 प्रतिशत से अधिक और ओरिक्स की 23 प्रतिशत से कुछ अधिक हिस्सेदारी है।