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हरित आवरण के मूलमंत्र के साथ पर्यावरण संरक्षण की नजीर पेश कर रहा रेलवे

June 05th, 2020 13:30 IST
 हरित आवरण के मूलमंत्र के साथ पर्यावरण संरक्षण की नजीर पेश कर रहा रेलवे

हाईलाइट

  • हरित आवरण के मूलमंत्र के साथ पर्यावरण संरक्षण की नजीर पेश कर रहा रेलवे

हाजीपुर, 5 जून (आईएएनएस)। लोगों को सुविधा उपलब्ध कराते हुए पर्यावरण संरक्षण का प्रयास रेलवे की दिनचर्या में शामिल है। रेलवे का दावा है कि अपनी सेवा देने के साथ पर्यावरण संरक्षण को लेकर काम करते रहे हैं। ग्लोबल वार्मिग को कम करने और जलवायु परिवर्तन से निपटने में भी पूर्व-मध्य रेल हरित पहलुओं पर कार्य कर रही है।

रेलवे का मानना है कि रेलवे में गैर परम्परागत ऊर्जा को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहन देने से न केवल ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि जलवायु की भी रक्षा होगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी। इसी के तहत पूर्व मध्य रेलवे ने स्टेशनों पर ग्रीन कवर, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, ऊर्जा प्रबंधन और आईएसओ और ग्रीन प्रमाणन के दिशा में भी कई कार्य किए गए हैं।

पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि पूर्व मध्य रेलवे द्वारा वित्तीय वर्ष 2019-20 के दौरान पर्यावरण संतुलन के क्षेत्र में कई कार्य किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि पूर्व मध्य रेल द्वारा अपने क्षेत्राधिकार से खुलने वाली 44 गाड़ियों के 59 रेक में हेड ऑन जनरेशन सिस्टम लगाया गया है। उन्होंने कहा कि यह सिस्टम पावर कारों में डीजी सेट के उपयोग को समाप्त करता है जो ध्वनि और वायु प्रदूषण पैदा करता है। इससे पूर्व मध्य रेल को डीजल, ईंधन के मद में होने वाले व्यय से प्रतिवर्ष लगभग 104 करोड़ की बचत हो रही है।

कुमार कहते हैं कि रेलवे लोगों को सुविधा देने के साथ-साथ प्र्यावरण संरक्षण को लेकर भी अपने दायित्वों का निर्वहन कर रही है।

उन्होंने कहा कि दानापुर में जल पुनर्चक्रण संयंत्र स्थापित किया गया है। इसके अलावा, पटना जंक्शन, राजेन्द्रनगर, दानापुर, पाटलिपुत्र, धनबाद, बरकाकाना, गोमो, बरवाडीह, चोपन, टोरी सहित 10 स्टेशन भवनों पर वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित की गई है।

उन्होंने बताया, पूर्व मध्य रेल के सभी रेलवे क्वार्टरों और सेवा भवनों को ऊर्जा कुशल फिटिंग और एलईडी बल्ब प्रदान की गई है। यही नहीं पूर्व मध्य रेल क्षेत्राधिकार के खाली पड़े जमीनों पर कुल 1.70 लाख वृक्ष लगाए गए हैं।

पूर्व मध्य रेलवे के पांचों मंडलों के 52 चिन्हित स्टेशनों का जल और ऊर्जा लेखा परीक्षण किया गया है तथा हरित ऊर्जा उत्पादन की दिशा में उल्लेखनीय कदम उठाते हुए विभिन्न स्टेशनों एवं कार्यालय भवन के छतों पर 5.79 मेगावाट का सोलर प्लांट लगाया जा रहा है।

उन्होंने दावा करते हुए कहा, क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित सर्वेक्षण में संपूर्ण भारतीय रेलवे के 16 क्षेत्रीय रेलों में पूर्व मध्य रेल 12 स्थानों के उल्लेखनीय सुधार के साथ तीसरे स्थान पहुंचा। इसके साथ ही संपूर्ण भारतीय रेल के 720 स्टेशनों में ग्रीन स्टेशन रैंकिंग में 95.5 प्रतिशत प्राप्तांक के साथ राजेंद्र नगर टर्मिनल पहले स्थान पर रहा।

उन्होंने कहा कि राजेंद्र नगर स्टेशन, मुजफ्फरपुर, सोनपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, जयनगर, सहरसा और रक्सौल में जैविक अपशिष्ट खाद संयंत्र स्थापित किया गया है।

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