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राज्यसभा चुनाव : आठ राज्यों की 19 सीटों के लिए वोटिंग खत्म, कई सीटों के रिजल्ट आए

राज्यसभा चुनाव : आठ राज्यों की 19 सीटों के लिए वोटिंग खत्म, कई सीटों के रिजल्ट आए

हाईलाइट

  • देश के 8 राज्यों में राज्यसभा की 19 सीटों के लिए चुनाव
  • कांग्रेस और बीजेपी के कई बड़े नेताओं के चेहरे दांव पर

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश के आठ राज्यों की 19 राज्यसभा सीटों पर शुक्रवार को वोटिंग खत्म हो गई है और गिनती जारी है। कुछ राज्यों के परिणाम सामने आए हैं जिनमें मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों में से दो बीजेपी के खाते में गई हैं जबकि एक पर कांग्रेस ने अपना कब्जा जमाया है।

मणिपुर की राज्यसभा सीट पर बीजेपी का कब्जा
मिजोरम में एमएनएफ उम्मीदवार जीता
झारखंड में भी एक सीट पर जीती बीजेपी
एमपी में दो बीजेपी एक कांग्रेस के नाम
आंध्र प्रदेश की चारों सीटों पर वाईएसआर का कब्जा
राजस्थान से आई कांग्रेस के लिए अच्छी खबर

बाकी जगहों पर गिनती चल रही है, इसे लेकर ताजा अपडेट के लिए आप हमारे साथ जुड़े रहें...

इन आठ राज्यों की 19 सीटों पर चुनाव
राज्यसभा (Rajya Sabha Elections 2020) की 19 सीटों में आंध्रप्रदेश और गुजरात से चार-चार, मध्यप्रदेश और राजस्थान से तीन-तीन, झारखंड से दो, मणिपुर, मिजोरम और मेघालय से एक-एक सीट पर चुनाव हुए। 

LIVE Updates:

गुजरात: बीजेपी विधायक जेसंगभाई सोलंकी ऐम्बुलेंस में वोटिंग करने पहुंचे। पिछले दिनों वह स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत के बाद से अस्पताल में भर्ती थे, वहीं से सीधा वोटिंग के लिए पहुंचे।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वोट डाला।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी ने वोट डाला।

गुजरात: राज्यसभा की 4 सीटों के लिए मतदान शुरू। गांधीनगर में राज्य विधानसभा में सभी लोगों के तापमान की जांच की जा रही है और उनके हाथ सेनिटाइज कराए जा रहे हैं।

मेघालय में वोटिंग जारी।

राज्यों की सीटें और उम्मीदवार-

  • मध्य प्रदेश में राज्यसभा की 3 सीटों पर चार प्रत्याशी मैदान में हैं। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने दो-दो उम्मीदवार उतारे। भाजपा के उम्मीदवार पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, सुमेर सिंह सोलंकी और कांग्रेस के उम्मीदवार दिग्विजय सिंह के बीच कड़ा मुकाबला रहा।
     
  • गुजरात की चार सीटों के लिए पांच उम्मीदवार हैं। बीजेपी ने तीन और कांग्रेस के दो उम्मीदवार उतारे हैं।
     
  • मणिपुर में सत्तारूढ़ गठबंधन के नौ सदस्यों के इस्तीफे के कारण चुनाव रोचक होने की संभावना है। बीजेपी ने लीसेम्बा सानाजाओबा और कांग्रेस ने टी मंगी बाबू को उम्मीदवार बनाया है। 
     
  • राजस्थान में तीन सीटों पर 4 उम्मीदवार किस्मत आजमां रहे हैं। कांग्रेस-बीजेपी दोनों ने ही दो-दो उम्मीदवार उतारे हैं। कांग्रेस के प्रत्याशी केसी वेणुगोपाल और नीरज डांगी हैं। राजेंद्र गहलोत और ओंकार सिंह बीजेपी उम्मीदवार हैं।
     
  • झारखंड में दो सीटों पर तीन उम्मीदवारों की साख दांव पर है। जेएमएम, बीजेपी और कांग्रेस तीनों ही पार्टियों के एक- एक उम्मीदवार मैदान में हैं।
     
  • आंध्र प्रदेश में चार सीटों के लिए पांच उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।
  • मेघालय में एक सीट पर वोटिंग। सत्तारूढ़ मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस के उम्मीदवार डब्ल्यू आर खारलुखी के पास 40 विधायकों का समर्थन है। कांग्रेस के पास 60 सदस्यीय विधानसभा में केवल 19 विधायक हैं।

  • मिजोरम में मिजो नैशनल फ्रंट ने के वनलवेना, जोरम पीपुल्स मूवमेंट ने बी लाछाजोवा और कांग्रेस ने डॉ. लालाचुंगा को उम्मीदवार बनाया है। 40 सदस्यों वाली विधानसभा में मिजो नैशनल फ्रंट के पास 27 विधायक हैं। जोरम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) के पास 7, कांग्रेस के पास 5 और बीजेपी के पास एक विधायक हैं।

राज्यसभा की पांच सीटों पर निर्विरोध जीत
कर्नाटक में राज्यसभा की चार सीटों पर पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, बीजेपी उम्मीदवार इरन्ना कडाडी और अशोक गस्ती को पहले ही निर्विरोध विजेता घोषित किया जा चुका है। अरुणाचल प्रदेश में भी राज्यसभा की एक इकलौती सीट पर बीजेपी उम्मीदवार नबाम रेबिया की पहले से ही निर्विरोध जीत घोषित है। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।