दैनिक भास्कर हिंदी: 490 साल पुराना है अयोध्या विवाद, तारीख दर तारीख जानिए...कब क्या हुआ ?

November 9th, 2019

हाईलाइट

  • 26 साल पहले शुरू हुआ था विवाद
  • कोर्ट ने जनवरी 2019 तक के लिए टाल दी है सुनवाई
  • ब्रिटिश सरकार ने तारों की एक बाड़ खड़ी कर दी थी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। एक बार फिर अयोध्या विवाद गरमा गया है। शिवसेना और वीएचपी के आंदोलन से अयोध्या के लोग दहशत में हैं। 26 साल पहले शुरू हुए इस मामले सुनवाई कोर्ट ने जनवरी 2019 तक के लिए टाल दी है। ये सुनवाई 2010 में आए इलाहाबाद हाइकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर याचिकाओं पर होनी है। दरअसल, ये मामला 490 साल पुराना है। 

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  • 1528: बाबर ने यहां मस्जिद बनवाई थी, जिसे बाबरी मस्जिद नाम दिया गया था, हिंदू मान्यता के मुताबिक इसी जगह पर भगवान राम जन्मे थे। 
  • 1853: हिंदुओं का आरोप कि भगवान राम के मंदिर को तोड़कर मस्जिद का निर्माण किया गया। इस दिन ही हिंदुओं और मुसलमानों के बीच पहली हिंसा हुई थी।
  • 1859: विवाद के बाद ब्रिटिश सरकार ने तारों की एक बाड़ खड़ी कर दी। ब्रिटिश हुकूमत ने अंदरूनी और बाहरी परिसर में मुस्लिमों और हिंदुओं को अलग-अलग प्रार्थना करने की इजाजत दी। 
  • 1885: ये मामला पहली बार अदालत में पहुंचा। फैजाबाद अदालत में महंत रघुबर दास ने बाबरी मस्जिद से लगे एक राम मंदिर के निर्माण की इजाजत के लिए अपील की।
  • 23 दिसंबर 1949: कथित तौर पर करीब 50 हिंदुओं ने केंद्रीय स्थल पर भगवान राम की मूर्ति रख दी। इसके बाद से हिंदू यहां नियमित पूजा करने लगे।
  • 16 जनवरी 1950: रामलला की पूजा-अर्चना के लिए गोपाल सिंह विशारद ने पैजाबाद अदालत में एक अपील दायर की।
  • 5 दिसंबर 1950: मस्जिद को ढांचा नाम देकर, भगवान राम की मूर्ति रखने के लिए महंत परमहंस रामचंद्र दास ने हिंदू प्रार्थनाए जारी रखने मुकदमा दायर किया।
  • 17 दिसंबर 1959: विवादित स्थल हस्तांतरित करने के लिए निर्मोही अखाड़ा ने मुकदमा दायर किया।
  • 18 दिसंबर 1961: बाबरी मस्जिद के मालिकाना हक के लिए उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड ने मुकदमा दायर किया।
  • 1984: एक विशाल मंदिर के लिए विश्व हिंदू परिषद ने अभियान शुरू किया। मंदिर निर्माण के लिए एक समिति का गठन भी किया गया।
  • 1 फरवरी 1986: फैजाबाद जिला न्यायाधीश ने विवादित स्थल पर हिदुओं को पूजा की इजाजत दी। ताले दोबारा खुलने से नाराज मुस्लिमों ने बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी का गठन किया।
  • जून 1989: भाजपा ने वीएचपी को औपचारिक समर्थन देना शुरू कर मंदिर आंदोलन को नया जीवन दिया।
  • 1 जुलाई 1989: पांचवा मुकदमा भगवान रामलला विराजमान नाम से दाखिल किया गया।
  • 9 नवंबर 1989: तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की सरकार शिलान्यास की इजाजत ने बाबरी मस्जिद के ठीक नजदीक में दी।

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  • 25 सितंबर 1990: तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष लाल कृष्ण आडवाणी ने गुजरात के सोमनाथ से उत्तर प्रदेश के अयोध्या तक रथ यात्रा निकाली, इसके बाद ही साम्प्रदायिक दंगे भी हुए।
  • नवंबर 1990: लालकृष्ण आडवाणी को बिहार के समस्तीपुर में गिरफ्तार किया गया। तत्कालीन प्रधानमंत्री वीपी सिंह की सरकार से भाजपा ने समर्थन वापस ले लिया।
  • अक्टूबर 1991: उत्तर प्रदेश में कल्याण सिंह की सरकार ने बाबरी मस्जिद के आस-पास की 2.77 एकड़ भूमि को अपने अधिकार में ले लिया।
  • 6 दिसंबर 1992: हजारों कार सेवकों ने अयोध्या पहुंचकर विवादित ढांचा ढहा दिया। इसके बाद सांप्रदायिक दंगे हुए।
  • 16 दिसंबर 1992: विवादित ढांचे की तोड़-फोड़ के लिए जिम्मेदार स्थितियों की जांच करने लिब्रहान आयोग बनाया गया।
  • जनवरी 2002: प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने कार्यालय में अयोध्या विभाग शुरू किया, जिसका काम हिंदुओं और मुसलमानों से बातचीत के माध्यम से हल निकालना था।
  • अप्रैल 2002: उच्च न्यायालय में अयोध्या के विवादित स्थल पर मालिकाना हक को लेकर तीन जजों की पीठ ने सुनवाई शुरू की।
  • मार्च-अगस्त 2003: इलाहबाद उच्च न्यायालय के निर्देश पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने अयोध्या में खुदाई की। सर्वेक्षण करने वाली टीम का का दावा था कि मस्जिद के नीचे मंदिर के अवशेष मिले हैं।
  • सितंबर 2003: अदालत ने फैसला दिया कि मस्जिद विध्वंस के लिए उकसाने वाले 7 नेताओं के मामले में सुनवाई हो।
  • जुलाई 2009: लिब्रहान आयोग ने गठन के 17 साल बाद तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह को अपनी रिपोर्ट सौंपी।
  • 28 सितंबर 2010: सर्वोच्च न्यायालय ने इलाहबाद उच्च न्यायालय को विवादित मामले में फैसला देने से रोकने वाली याचिका खारिज करते हुए फैसले का मार्ग प्रशस्त किया।
  • 30 सितंबर 2010: इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया। विवादित जमीन को 3 हिस्सों में बांटा गया, जिसमें एक हिस्सा राम मंदिर, दूसरा निर्मोही अखाड़ा और तीसरा सुन्नी वक्फ बोर्ड को दिया गया।
  • 9 मई 2011: इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी।
  • जुलाई 2016: बाबरी मामले के सबसे उम्रदराज वादी हाशिम अंसारी का निधन।
  • 21 मार्च 2017: सुप्रीम कोर्ट ने आपसी सहमति से विवाद सुलझाने की बात कही।
  • 19 अप्रैल 2017: सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी मस्जिद गिराए जाने के मामले में लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती सहित बीजेपी और आरएसएस के कई नेताओं के खिलाफ आपराधिक केस चलाने का आदेश दिया।