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यूपी के मुरादाबाद में धुंध और दमघोंटू हवा से लोग परेशान

June 16th, 2018 11:54 IST

डिजिटल डेस्क, मुरादाबाद। दिल्ली की जहरीली हवा लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। वहीं दूसरी तरफ यूपी के लखनऊ, गाजियाबाद, नोएडा और मुरादाबाद जैसे शहर की हवा भी उतनी ही जहरीली हो चुकी है। मुरादाबाद में जहरीली धुंध और दमघोंटू हवा से चल रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार बुधवार मुरादाबाद देश का सबसे प्रदूषित शहर बन गया था। हालांकि चौथे दिन (15 जून) वायुमंडल में हवा का दबाव कम था। इसके चलते वायु गुणवत्ता सूचकांक कम हुआ है। शुक्रवार को शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक गिरावट के साथ 385 दर्ज किया गया है। इससे दो दिनों पहले वायु गुणवत्ता सूचकांक 485 दर्ज किया गया था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की देर रात जारी रिपोर्ट के अनुसार वायु में पीएम-10 कणों का घनत्व बढ़ने के कारण हवा ज्यादा प्रदूषित हो गई। एक्यूआइ का स्तर दो सौ से अधिक होने पर सेहत के लिए हानिकारक माना जाता है। 

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शहर में चौथे दिन, दिन में ही शाम जैसा माहौल दिख रहा था। धुंध के चलते प्रदूषित हवा में सांस लेने को हर कोई मजबूर है। वायुमंडल में धूल के कण होने के चलते राहगीरों को मास्क लगाकर चलना पड़ रहा है। लोगों को मरीजों के साथ अस्पतालों के बाहर कतार में देखा गया, मुख्य रूप से बच्चों को सांस लेने की परेशानी, अस्थमा और ब्रोंकाइटिस की शिकायत के रूप में देखने में मिल रही है।  

भले ही वायु प्रदूषण के स्तर में मामूली कमी दर्ज हुई, लेकिन ये सेहत के लिए खतरा बढ़ा ही रहा। वायु गुणवत्ता सूचकांक का दो सौ से ऊपर रहना सेहत के लिए खतरनाक है, जबकि ढाई सौ से ऊपर होना बहुत ही खतरनाक स्थिति है। दमघोंटू हवा की वजह से लोगों ने बहुत जरूरी होने पर ही घर से निकलना मुश्किल होता देखा जा रहा है। सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम हो गई। धुंध के कारण सड़क और हवाई यातायात भी प्रभावित हो रहा है।

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हिमाचल प्रदेश से ऐसा मौसा देखा जा रहा है। शिमला के पहाड़ धुंध से धिरे हुए दिख रहे हैं। यहां के आसमान में  धूल एक मोटी परत देख को मिल रही हैं। प्रदेश के मौसम विज्ञान विभाग के निदेशक मनमोहन सिंह ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में पानी की बौछार के साथ धूल से मौसम खराब होता जा रहा है, ऐसे मौसम की वजह से दृश्यता कम हो गई है। इससे उड़ान परिचालन प्रभावित हुए हैं। 
 

राहत की बात है कि शहर में लगातार वायु गुणवत्ता सूचकांक घट रहा है। गुरुवार को प्रदूषण के स्तर में थोड़ी सी गिरावट आई और एयर क्वालिटी इंडेक्स 424 दर्ज किया गया। वहीं शुक्रवार को 385 दर्ज किया गया। धुंध के चलते शुक्रवार को सबसे ज्यादा गाजियाबाद प्रभावित रहा। गाजियाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 461 दर्ज किया गया। वहीं अन्य शहरों नोएडा का 458, दिल्ली का 428 और लखनऊ का 266 वायु गुणवत्ता सूचकांक दर्ज किया गया।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।