दैनिक भास्कर हिंदी: सेक्स वर्कर्स के बच्चों पर खास ध्यान, तैयार होगा एक्शन प्लान

September 15th, 2017

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली महिला आयोग ने ह्यूमन ट्रैफिकिंग, सेक्स वर्कर्स के पुनर्वास और उनके बच्चों पर खास ध्यान रखने के लिए एक एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया है। कमेटी का चेयरपर्सन आयोग की मेम्बर प्रोमिला गुप्ता को बनाया गया है, जबकि शक्ति वाहिनी NGO के प्रेसिडेंट रविकांत को इस कमेटी का संयोजक बनाया गया है। इस कमेटी में चेयरपर्सन और संयोजक के अलावा 14 सदस्य हैं। कमेटी के सदस्यों में एसपीआईडी NGO से ललिता एसए, अपने आप NGO से रुचिरा, फिक्की लेडीज आर्गेनाईजेशन (FLO) से वासवी भारत राम, सीआईआई से प्रियंका निझावन, पीएचडी चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स से अनुराधा गोएल, दिल्ली पुलिस की एसीपी सुरिंदर कौर जीत की कमेटी का सदस्य बनाया गया है।

इसके अलावा करोल बाग के SDM द्वारा मनोनीत व्यक्ति, महिला एवं बाल विकास विभाग के डॉयरेक्टर द्वारा मनोनीत व्यक्ति, ट्रेनिंग एंड टेक्निकल एजुकेशन विभाग के डॉयरेक्टर द्वारा मनोनीत व्यक्ति, जस्टिस एंड केयर की रचना सक्सेना, स्टॉप आर्गेनाइजेशन की प्रोफेसर रोमा देबब्रता, प्रोत्साहन इंडिया फाउंडेशन की फाउंडर डॉयरेक्टर सोनल प्रोतसाहन, कटकथा से गीतांजली, रेस्क्यू फाउंडेशन से संतोष सेधल को कमेटी का सदस्य बनाया गया है। दिल्ली महिला आयोग की कंसलटेंट हुमा परवीन एवं लीगल कंसलटेंट प्रिंसी गोयल इस कमेटी में सहयोग करेंगी।

बच्चों के अच्छे भविष्य के लिए भी योजना

कमेटी ट्रैफिकिंग एवं कमर्शियल यौन शोषण की पीड़ितों के पुनर्वास के लिए स्टेट लेवल पालिसी का ड्राफ्ट तैयार करेगी। ये कमेटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग की पीड़ितों के पुनर्वास के लिए मॉडल तैयार करेगी। यदि जरूरत पड़ी तो इस कमेटी के सदस्य दूसरे राज्यों में ट्रैफिकिंग की पीड़ितों के पुनर्वास के लिए अपनाई गई योजनाओ के समझने के लिए वहां का दौरा भी कर सकते हैं। जीबी रोड पर रहने वाली सेक्स वर्कर्स के बच्चे किस प्रकार की समस्याओं का सामना कर रहे हैं, कमेटी इसका भी पता लगाएगी और उन बच्चों के अच्छे भविष्य के लिए भी योजना तैयार करेगी।

दिल्ली महिला आयोग की चेयरपर्सन स्वाति जय हिन्द ने बताया कि इस कमेटी का कार्यकाल दो महीने का होगा। 2 महीने में कमेटी अपनी रिपोर्ट देगी। इस रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद आयोग अपनी सिफारिश सरकार के पास भेजेगा। उन्होंने बताया की इस कमेटी में कई ऐसे एक्सपर्ट्स को शामिल किया गया है, जो इस मुद्दे पर काफी समय से काम कर रहे हैं।