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मोहन भागवत की बीजेपी-शिवसेना को नसीहत, कहा- आपस में लड़ने से नुकसान


हाईलाइट

  • मोहन भागवत ने कहा- आपस में लड़ने से नुकसान
  • मनुष्य का अहंकार है, वो हर वस्तु पर अपना अधिकार चाहता है- भागवत

डिजिटल डेस्क, नागपुर। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के बाद सियासी जंग जारी है। राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू है। शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाने की कवायद में जुटी हुई है। इस बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इशारों-इशारों में बीजेपी और शिवसेना को समझाइश दी है। उन्होंने कहा कि आपस में लड़ने से नुकसान होगा। फिर भी लड़ना नहीं छोड़ रहे।

नागपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि, सब जानते हैं कि आपस में लड़ने से हानि होगी, लेकिन फिर भी लड़ना नहीं छोड़ रहे। उन्होंने कहा लोग स्वार्थ नहीं छोड़ते। यह तत्व सभी के साथ लागू होता है। देशों के साथ भी और व्यक्तियों के साथ भी। 

भागवत ने आगे कहा कि हर आदमी अच्छा बनना चाहता है, लेकिन मनुष्य का अहंकार है। वो हर वस्तु पर अपना स्वामित्व चाहता है। वो किसी को कुछ नहीं देना चाहता। उन्होंने कहा, मनुष्य भगवान भी बन सकता और राक्षस भी बन सकता है।  

अठावले ने दिया नया फॉर्मूला
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने महारष्ट्र में सरकार के गठन के लिए शिवसेना और बीजेपी को नया फॉर्मूला सुझाया है। रामदास अठावले ने कहा, 'मैंने एक समझौते के बारे में संजय राउत जी से बात की थी। मैंने उन्हें 3 साल (बीजेपी से सीएम) और 2 साल (शिवसेना से सीएम) का फॉर्मूला सुझाया, जिसमें उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी सहमत होती है तो शिवसेना इस बारे में सोच सकती है। मैं बीजेपी के साथ इस पर चर्चा करूंगा।'

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