दैनिक भास्कर हिंदी: 4 अक्टूबर को भारत आएंगे रूसी राष्ट्रपति पुतिन, दोनों देशों के बीच होंगे कई द्विपक्षीय समझौते

October 15th, 2018

हाईलाइट

  • 4 अक्टूबर को भारत आएंगे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन
  • 19वें भारत-रूस वार्षिक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन’ में हिस्सा लेंगे।
  • दोनों देशों के बीच होंगे कई अहम समझौते

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन चार अक्टूबर को दो दिन के अधिकारिक दौरे पर भारत आएंगे। मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद यह पुतिन का तीसरा भारत दौरा है। जोकि हर लिहाज से अहम माना जा रहा है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, अपने दौरे के पहले दिन पुतिन 19वें भारत-रूस वार्षिक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन’ में हिस्सा लेंगे। इसके बाद वे भारत-रूस बिजनेस फोरम में शमिल होंगे। इस दौरान भारत और रूस के कुछ छात्र भी मौजूद होंगे। इसके बाद पीएम मोदी के साथ एक अहम मुलाकात भी करेंगे। माना जा रहा है कि इस दौरे पर भारत और रूस के बीच एस-400 मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम डील समेत कई द्विपक्षीय समझौते होंगे।

एस-400 मिसाइल डील पर होगी चर्चा
पीएम मोदी और पुतिन के बीच होने वाली मुलाकात को लेकर कयास लगाए जा रहे है कि भारत और रूस के बीच 40 हजार करोड़ की एस-400 मिसाइल डील पर चर्चा हो सकती है। बता दें कि अमेरिका रूस से सैन्य उपकरण खरीदने पर प्रतिबंधों की धमकी दे रहा है। हाल ही में अमेरिका ने चीन पर प्रतिबंध भी लगा दिए। अमेरिका ने यह भी कहा कि भारत अगर रूस के साथ एस-400 मिसाइल डील करता है तो उस पर भी कड़े प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। हालांकि ये कहना थोड़ा मुश्किल है कि दोनों देश पुतिन की यात्रा के दौरान एस-400 मिसाइल सौदे पर अंतिम मुहर लगाने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे या नहीं।

 

इन मुद्दों पर भी बातचीत
दोनों देश के बीच बातचीत का प्रमुख एजेंडा व्यापार साझेदारी में विशेषाधिकार के अहम पहलुओं पर चर्चा है। इसके अलावा दोनों देशों के बीच क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान प्रदान होगा। दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को और बढ़ावा देना और ईरान से कच्चे तेल के आयात पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों सहित विभिन्न क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर चर्चा पुतिन की यात्रा के केंद्र में होगी। सूत्रों ने कहा कि मोदी और पुतिन ईरान से कच्चे तेल के आयात पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों के असर को लेकर भी चर्चा करेंगे। इसके अलावा दोनों नेताओं के रूसी रक्षा कंपनियों पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों को देखते हुए द्विपक्षीय रक्षा सहयोग का जायजा लेने की संभावना है। 

 

अन्य कार्यक्रमों में लेंगे हिस्सा
पुतिन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से भी मिलेंगे और उनके साथ ही कई दूसरे आधिकारिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। मोदी और पुतिन व्यापार, निवेश, संपर्क, ऊर्जा, अंतरिक्ष एवं पर्यटन सहित कई क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग गहराने के तरीके तलाशेंगे।

 

भारत का सबसे बड़ा हथियार सप्लायर रूस
भारत और रूस की नजदीकियों को देखते हुए अमरीका ने हाल ही में भारत को रूसी कंपनियों से हथियार खरीदने पर बैन लगाया था, लेकिन इसके विपरीत रूस अभी भी भारत का सबसे बड़ा हथियार सप्लायर है। 
 

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