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कोरोना योद्घा उज्मा के जज्बे को सलाम, मुस्लिम समाज के लिये नजीर

June 18th, 2020 13:00 IST
 कोरोना योद्घा उज्मा के जज्बे को सलाम, मुस्लिम समाज के लिये नजीर

हाईलाइट

  • कोरोना योद्घा उज्मा के जज्बे को सलाम, मुस्लिम समाज के लिये नजीर

लखनऊ, 18 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का गली-कूचा, मुंह पर मास्क और चेहरे पर बुर्का, तहजीब की एक जीती-जागती मिशाल। इतना ही नहीं, पीठ पर लदे सैनेटाइजर मशीन से राजधानी को पूरी तरह कोरोना मुक्त करने की जिद ने इसे आम से खास बना दिया है। वजह, उज्मा नाम की इस महिला में न सिर्फ समाज के सुरक्षा की चिंता बल्कि कोरोना को राजधानी क्षेत्र से बाहर भागने की जिद भी है। बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रखने को इकट्ठा किये धनराशि से ही उसने सैनेटाइजर, मशीन और जरूरी सामानों का प्रबंध कर इस लक्ष्य को पूरा करने में जुटी है।

कोरोना संकट में एक से बढ़कर एक योद्घा सामने आए हैं। राजधानी की ऐसी ही योद्घा हैं, लखनऊ की सैयद उज्मा परवीन। लॉकडाउन की शुरुआत से लेकर अब तक चेहरे पर मास्क, शरीर पर बुर्का और पीठ पर लदी भारी सैनिटाइजिंग मशीन से राजधानी की गली-गली को सैनिटाइज करने का बीड़ा उठाया है। पुराने लखनऊ के सीताराम मंदिर से शुरू हुआ यह सिलसिला लगातार बढ़ रहा है। यह महिला मुस्लिम समाज के साथ दूसरों के लिए भी नजीर बनी हुई हैं। हालांकि, नागरिकता संशोधन कानून के विरोध को लेकर सुर्खियों में आई उज्मा को यह राह साधने में काफी कठिनाईयों का सामना भी करना पड़ रहा है। बावजूद इसके वह हार मानने को तैयार नहीं है।

उज्मा का कहना है, सैनिटाइज करने के लिए स्प्रेयर मशीन से लेकर केमिकल तक कि खरीदारी उन्हें खुद के खर्चे पर करनी पड़ी है। अब तक 6 से 7 लाख रूपये खर्च हो गये हैं। सहादतगंज की रहने वाली उज्मा ने आईएएनएस को बताया कि नगर निगम ने सैनिटेशन के काम में लगा हुआ था। लेकिन वह हर जगह नहीं पहुंच पा रहा है। फिर मैंने लॉकडाउन की शुरुआत से खुद को इस काम में झोंक दिया। उन्होंने बताया कि लखनऊ की गलियों में रोज सैनिटेशन कर रहीं हैं।

उज्मा ने बताया कि अभी तक बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, सभी पुलिस थाने, चौकी, पेट्रोल पम्प फैजुल्लागंज, बालागंज, कैम्पल रोड, जमा मस्जिद, खदरा, ठाकुरगंज, सहादतगंज, मंसूर नगर, इन्दिरा नगर, गोमती नगर, कृष्णा नगर, आलमाबाग चिनहट के इलाको में खुद जाकर सैनिटाइज किया है।

उन्होंने बताया कि यह प्रेरणा उनके पिता से मिली है। समाज सेवक के रूप में उन्होंने बहुत काम किया है। वे बताया करते हैं कि खुद के कदम बढ़ाने से हर समाज के लोग जुड़ते जाते हैं।

परवीन ने बताया कि वह सुबह 04 बजे से निकालकर 10 बजे तक वापस आती हैं। फिर, परिवार की जिम्मेदारी संभालती है। सहूलियत के लिए 6-6 घण्टे की शिफ्ट बनाया है। पूरा लखनऊ , सैनिटाइज करने का इरादा है। जब तक यह कोरोना हार नहीं जाता तब तक उनके कदम नहीं रूकेगें।

वह समाज को सकारात्मक संदेश दे रही हैं। पर्दे में हिजाब वाली महिलाएं भी इस बीमारी से लड़ सकती हैं। उनके इस काम को लेकर पति ने पहले थोड़ा एतराज जताया था, लेकिन जब हौसला कम नहीं हुआ, तब वे भी इस काम में मदद करने लगे।

उज्मा के यह कदम रमजान में भी नहीं रूके। 12-14 घंटो तक बिना खाए-पिए रहना पड़ा। जो लोग पहले ताना देते थे, उनमें से कुछ मदद के लिए भी आगे आ रहे हैं।

नगर आयुक्त इंद्रमणि ने उज्मा को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया है। हालांकि, इनका विरोध भी हुआ। इसके पीछे नागरिक संशोधन बिल का विरोध वजह बताई गई।

उन्होंने इसपर कहा कि इस संदेश ने बड़ा दुख दिया। एक समय ऐसा भी आया, जब सम्मान वापस करने का मन बनने लगा था, लेकिन कुछ दिनों में विवाद खत्म हो गया और इसे शांत रखने का ही मन बन गया।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।