मंकीपॉक्स की दश्तक: तेलंगाना के पहले संदिग्ध मंकीपॉक्स मामले के नमूने एनआईवी को भेजे गए

July 25th, 2022

हाईलाइट

  • रोगी बेचैन है और उसे तेज बुखार है

डिजिटल डेस्क, हैदराबाद। मंकीपॉक्स के संदिग्ध लक्षणों वाले एक व्यक्ति के नमूने सोमवार को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) पुणे भेजे गए। हैदराबाद के फीवर अस्पताल में इस समय आइसोलेशन में रखे गए 40 वर्षीय व्यक्ति के पांच प्रकार के नमूने एकत्र कर लैब में भेजे गए। नमूनों में गले, रक्त, मूत्र, त्वचा पर घावों से स्वाब शामिल है। फीवर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. के. शंकर के मुताबिक, मंगलवार शाम तक नतीजे आने की संभावना है।

उन्होंने युवक की हालत स्थिर बताई। उनके अनुसार, रोगी बेचैन है और उसे तेज बुखार है। डॉ. शंकर ने कहा, उनकी गर्दन, हाथ और छाती पर घाव मंकीपॉक्स के घावों की तरह हैं। यह चेचक भी हो सकता है। रविवार शाम को व्यक्ति को उसके गृह नगर कामारेड्डी से हैदराबाद स्थानांतरित करने के बाद नमूने एकत्र किए गए थे। अधिकारियों के अनुसार, वह 6 जुलाई को कुवैत से कामारेड्डी पहुंचा था। उसे 20 जुलाई को बुखार हुआ और बाद में जब शरीर पर चकत्ते पड़ गए, तो वह शहर के एक निजी अस्पताल में गया।

इसे मंकीपॉक्स का मामला मानकर डॉक्टरों ने कामारेड्डी जिला अस्पताल रेफर कर दिया और वहां से रविवार को एंबुलेंस से हैदराबाद भेजा गया। जन स्वास्थ्य निदेशक डॉ. जी. श्रीनिवास राव ने कहा कि व्यक्ति के छह करीबी संपर्को की भी पहचान की गई है। हालांकि उनमें कोई लक्षण नहीं है, लेकिन अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर उन्हें आइसोलेशन में रखा है। स्वास्थ्य विभाग उन लोगों का भी पता लगाने की कोशिश कर रहा है जो पिछले कुछ दिनों में इनके संपर्क में आए थे। जन स्वास्थ्य निदेशक ने कहा कि मंकीपॉक्स से लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह कोई जानलेवा बीमारी नहीं है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री हरीश राव स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और उन्हें निर्देश दे रहे हैं। हम सभी आवश्यक उपाय कर रहे हैं।

तेलंगाना में मंकीपॉक्स का यह पहला संदिग्ध मामला है। पड़ोसी आंध्र प्रदेश ने 17 जुलाई को पहला संदिग्ध मामला दर्ज किया था। परिवार के साथ दुबई गए दो साल के बच्चे को लौटने पर त्वचा पर चकत्ते मिले। हालांकि, एनआईवी, पुणे भेजे गए नमूनों रिपोर्ट मंकीपॉक्स नेगेटिव आई। तेलंगाना का स्वास्थ्य विभाग भी संदिग्ध मंकीपॉक्स मामले के नमूनों का परीक्षण करने के लिए हैदराबाद के गांधी अस्पताल से अनुरोध कर रहा है। आरटी-पीसीआर परीक्षण सरकारी अस्पताल में किया जाएगा और यदि परिणाम सकारात्मक आता है, तो नमूने पुष्टि के लिए एनआईवी, पुणे भेजे जाएंगे। हालांकि पहले संदिग्ध मामले के सैंपल सीधे एनआईवी भेजे गए थे।

 

(आईएएनएस)

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