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दिल्ली: ग्रेजुएट कर्मचारियों को देना होगा कम से कम 19,572 वेतन, SC से मिली मंजूरी

दिल्ली: ग्रेजुएट कर्मचारियों को देना होगा कम से कम 19,572 वेतन, SC से मिली मंजूरी

हाईलाइट

  • दिल्ली सरकार के न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने के फैसले को SC ने दी हरी झंडी
  • दिल्ली के करीब 50 लाख कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
  • ग्रेजुएट कर्मचारियों को 19,572 रुपये से कम सैलरी नहीं दी जा सकती- SC

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने गुरूवार को हरी झंडी दिखा दी है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल की दिल्ली सरकार को न्यूनतम वेतन बढ़ोतरी के लिए नवीन अधिसूचना लागू करने का आदेश भी दिया है। कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में ग्रेजुएट कर्मचारियों को 19,572 रुपये से कम सैलरी नहीं दी जाएगी। इसके अलावा दिल्ली सरकार ने स्किल्ड लेबर्स के लिए 17,991 रु. और अनस्किल्ड लेबर्स के लिए 14,842 रु. प्रतिमाह न्यूनतम मजदूरी निर्धारित की है। वहीं सेमी स्किल्ड लेबर्स के लिए भी महीने की न्यूनतम मजदूरी 16,341 रु. तय की गई है।

बता दें कि मार्च 2017 में दिल्ली सरकार ने कॉन्टेक्ट कर्मचारियों के वेतन में 11.1 फीसदी तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा था। लेकिन इस प्रस्ताव को इंडस्ट्री बॉडीज द्वारा दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। जिसके बाद अगस्त 2018 में कोर्ट ने दिल्ली सरकार के इस फैसले पर रोक लगा दी थी। कोर्ट द्वारा वेतन बढ़ोतरी पर रोक लगाने के बाद दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। करीब दो साल तक मामला लंबित रहने के बाद गुरूवार को फैसला दिल्ली सरकार के पक्ष में गया। जिसके बाद करीब 50 लाख कर्मचारी न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी का लाभ ले सकेंगे।

हालांकि सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस यूयू ललित की पीठ ने यह भी साफ किया है कि कर्मचारियों को किसी भी तरह का एरियर नहीं दिया जाएगा। जानकारी के मुताबिक केजरीवाल सरकार जल्द ही न्यूनतम वेतन बढ़ोतरी के लिए नवीन अधिसूचना जारी करेगी।

किसे कितना वेतन

श्रेणी

पहले   प्रतिमाह अब  प्रतिमाह

रोजाना

अकुशल

13,35014,842  

571

अर्धकुशल

14,69816341

629

कुशल  

16,18217991  

692 

नॉन मैट्रिक

 9,72416,341

629 

गैर स्नातक

10,76417,991

692

स्नातक 

11,83019,572

753


 

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Vinod Morya January 10th, 2020 00:55 IST

Thank You Delhi CM

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।