दैनिक भास्कर हिंदी: अयोध्या में बने राम मंदिर : शिया वक्फ बोर्ड

August 9th, 2017

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। विवादित राम जन्मभूमि मामले पर 11 अगस्त से सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करने वाला है लेकिन उससे पहले मंगलवार को इस मामले पर एक नया मोड़ देखने को मिला। शिया वक्फ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में एक एफिडेविट जारी कर कहा है कि विवादित जगह पर राम मंदिर बनाया जाना चाहिए। बोर्ड का कहना है कि अगर मंदिर-मस्जिद एक ही जगह बनाए गए तो यहां पर रोज झगड़े होंगे। 

मस्जिद को इस जगह से दूर बनाया जाए: वक्फ बोर्ड

शिया वक्फ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में कहा है कि विवादित जगह पर राम मंदिर बनना चाहिए। जबकि इससे दूर मुस्लिम बहुल इलाके में मस्जिद बने। अगर मंदिर-मस्जिद को एक साथ बना दिया गया तो यहां पर रोज झगड़े देखने को मिलेंगे। इसके अलावा बोर्ड ने ये भी कहा है कि 1946 तक ये जमीन शिया वक्फ बोर्ड के पास थी। लेकिन अंग्रेजों ने गलत तरीके से इस जमीन का मालिकाना हक सुन्नी वक्फ बोर्ड को दे दिया था। शिया वक्फ बोर्ड का कहना है कि वो इस पूरे विवाद को शांति से निपटाना चाहती है। 

11 अगस्त से शुरु होगी सुनवाई

राम जन्मभूमि विवाद पर 11 अगस्त से सुप्रीम कोर्ट में दोपहर 2 बजे से सुनवाई होगी। इस मामले में शिया वक्फ बोर्ड भी पार्टी है। इस मामले की सुनवाई विशेष बेंच करेगी जो खास तौर पर इस मामले को निपटाने के लिए बनाई जाएगी। इससे पहले 21 मार्च को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर सुझाव दिया था कि इस मामले को कोर्ट के बाहर बातचीत के जरिए भी सुलझाया जा सकता है। अगर जरुरत पड़ी तो कोर्ट इसमें मध्यस्थता करेगा। 

हाइकोर्ट ने 3 हिस्सों में बांटने का दिया था आदेश

इलाहाबाद हाइकोर्ट की लखनऊ बेंच ने 2010 में दिए अपने फैसले में इस पूरी विवादित जमीन को 3 हिस्सों में बांटने को कहा था। तीन जजों की बेंच ने इस पर सुनवाई करते हुए 2.77 एकड़ के इस पूरे विवादित क्षेत्र को सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और रामलला के बीच बांटने का फैसला सुनाया था। हाइकोर्ट के इस फैसले को तीनों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाइकोर्ट के इस फैसले पर रोक लगा दी। ये मामला पिछले 6 सालों से सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।