दैनिक भास्कर हिंदी: देवबंद की रैली में बोलीं मायावती, 'बीजेपी को हराने के लिए गठबंधन को वोट दें मुस्लिम'

April 7th, 2019

हाईलाइट

  • UP: देवबंद में SP-BSP-RLD महागठबंधन की पहली संयुक्त रैली।
  • एक मंच पर नजर आए मायावती, अखिलेश और अजित सिंह। 

डिजिटल डेस्क,लखनऊ। आगामी लोकसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश में एसपी, बीएसपी और आरएलडी महागठबंधन की संयुक्त रैली से चुनाव प्रचार अभियान का आगाज हो गया है। पहली बार बीएसपी सुप्रीमो मायावती और एसपी चीफ अखिलेश यादव ने एक साथ चुनावी अभियान की शुरुआत की। रविवार को सहारनपुर के देवबंद में महागठबंधन की पहली संयुक्त रैली में मायावती, अखिलेश और अजित सिंह एक मंच पर मौजूद रहे और रैली को संबोधित किया। संबोधन की शुरुआत बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने की।

गठबंधन को वोट दे मुस्लिम समाज- मायावती
रैली को संबोधित करते हुए मायावती ने कांग्रेस और बीजेपी पर जमकर हमला बोला इसके साथ ही उन्होंने मुस्लिम समाज से गठबंधन को वोट देने की अपील की है। मायावती ने कहा, मुस्लिम समाज के लोग कांग्रेस के झांसे में न आएं और बीजेपी को हराने के लिए गठबंधन के उम्‍मीदवारों को वोट दें। मायावती के बाद अखिलेश यादव और आरएलडी चीफ अजित सिंह ने भी रैली को संबोधित करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा।

मोदी राज में बेरोजगारी बढ़ी- अजित सिंह  
आरएलडी चीफ चौधरी अधित सिंह ने रैली को संबोधित करते हुए कहा, 45 साल में इतनी बेरोजगारी नहीं थी, जितनी नरेंद्र मोदी के राज में है। मोदी सरकार ने रोजगार नहीं दिया, अब मोदी युवाओं से कहते हैं बेटा पकौड़ा बनाओ। उन्होंने पीएम पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा, देश का प्रधानमंत्री झूठ नहीं बोलता, बल्कि ये कभी सच ही नहीं बोलता। 


सिर्फ मोदी के अच्छे दिन आए- अजित सिंह
अजित सिंह ने पीएम मोदी के अच्छे दिन के नारे की आलोचना करते हुए कहा, अच्छे दिन सिर्फ मोदी के आए हैं। मोदी दिन में तीन बार सूट बदलते हैं और कहते हैं कि मैं तो फकीर हूं झोला उठाकर चल दूंगा। भगवान हमें भी ऐसा फकीर बना दो। सिंह ने कहा, आज की भीड़ ने तय कर दिया है कि भाजपा का सफाया हो गया है। भाजपा सिर्फ हारेगी नहीं, उसका सूपड़ा साफ हो जाएगा। संविधान ने ताकत दी है कि हर पांच साल में सरकार बदली जा सकती है, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। बीजेपी के नेता कहते हैं 50 साल मोदी राज करेगा और बीजेपी सांसद साक्षी महाराज कहते हैं कि ये आखिरी चुनाव है। इसलिए संविधान ने जो ताकत दी है हर पांच साल में सरकार बदली जा सकती है इसका इस्तेमाल कीजिए।

ये देश को बदलने का चुनाव है- अखिलेश
समाजवादी पार्टी के चीफ अखिलेश यादव ने रैली को संबोधित 2019 लोकसभा चुनाव को इतिहास बनाने का चुनाव बताया है। अखिलेश ने बीजेपी और पीएम पर हमला बोलते हुए कहा, बीजेपी अपने पुराने वादों पर बात नहीं करना चाहती है। पहले हमारे बीच चाय वाला बनकर आ गए, हमने उनपर भरोसा कर लिया, हमने अच्छे दिन का भरोसा किया, हमने 15 लाख रुपये, करोड़ों रोजगार का भरोसा किया। अब चुनाव आया तो कह रहे हैं कि हम चौकीदार बनकर आए हैं। यही गरीब, किसान, अल्पसंख्यक, पिछड़े, दलित एक-एक चौकीदार की चौकी छीनने का काम करेंगे। यह भविष्य का भी चुनाव है। बीजेपी ने कहा हम भ्रष्टाचार मिटा देंगे, कालाधन वापस आ जाएगा, लेकिन हमारा सारा पैसा बैंक में जमा करा लिया। जीएसटी से बड़े कारोबारियों को फायदा हुआ होगा, लेकिन छोटे किसानों की परेशानी बढ़ गई। ये देश को बदलने का चुनाव है, भाईचारे का चुनाव है, नफरत की दीवार को गिराने का चुनाव है। 

'बीजेपी जा रही, महागठबंधन आ रहा'
महागठबंधन की महारैली को सबसे पहले बसपा सुप्रीमो मायावती ने संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, आज की भीड़ की जानकारी जैसे ही पीएम नरेंद्र मोदी को मिलेगी तो वह इस गठबंधन से घबराकर पगला जाएंगे। कभी भी वो गठबंधन के बारे में शराब के साथ-साथ और भी न जाने क्या क्या बोलने लग जाएंगे। अब उनकी इस घबराहट से आपको ये जरूर मानकर चलना चाहिए कि इस चुनाव में और खासकर यूपी से बीजेपी जा रही है और महागठबंधन आ रहा है।

मोदी सरकार ने अपने वादे पूरे नहीं किए
मायावती ने मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, चुनाव में किए गए वादे का एक चौथाई काम भी केंद्र की बीजेपी सरकार ने नहीं किया है। इस चुनाव में जुमलेबाजी नहीं चलेगी और चौकीदारी की नाटकबाजी काम नहीं आएगी। पुलवामा में हुए आतंकी हमले वाले दिन भी बीजेपी ने अपना अभियान जारी रखा है। कांग्रेस पर वार करते हुए मायावती ने कहा, कांग्रेस अपनी नीतियों के कारण सत्ता से बाहर गई और बीजेपी की नफरत की नीति है, इस बार बीजेपी सत्ता से बाहर होगी मायावती ने ऐलान किया है, अगर हमें केंद्र सरकार बनाने का मौका मिला तो सभी राज्यों को सख्त निर्देश दिए जाएंगे ताकि किसानों का बकाया नहीं रखा जाएगा। मेरी सरकार के वक्त में पूरे यूपी में किसानों का खासकर गन्ना किसानों का बकाया पूरा किया था।

बीजेपी को जिताना चाहती है कांग्रेस
मायावाती ने कहा, सहारनपुर में मुसलमानों को ये मालूम है कि यहां के बीएसपी प्रत्याशी का टिकट हमने पहले ही घोषित कर दिया था, लेकिन कांग्रेस ने जानबूझ कर बीजेपी को जिताने के लिए मुस्लिम प्रत्याशी दिया। कांग्रेस पार्टी ने हमें मिलने वाले वोटों को बांटने के लिए ऐसी जाति और धर्मों के उम्मीदवारों को टिकट दिया है जिससे बीजेपी जीत जाए, क्योंकि बीजेपी का सिर्फ एक ही नारा है, हम जीतें या ना जीतें गठबंधन नहीं जीतना चाहिए, लेकिन महागठबंधन में ही वो ताकत है जो बीजेपी को रोक सकती है। 

महारैली को संबोधित करते हुए मायावती ने कहा...

  • ईवीएम में गड़बड़ी नहीं हुई तो महागठबंधन जीतेगा।
  • कांग्रेस गलत नीतियों के कारण हारी।
  • बीजेपी, कांग्रेस को आजमाने की जरूरत नहीं।
  • जेपी के राज में आरक्षण व्यवस्था कमज़ोर रही। बीजेपी पूंजीपतियों को धनवान बनाने में जुटी रही।
  • मोदी की देशभक्ति सामने आई। अच्छे दिन के वादे से जनता को गुमराह किया।
  • कांग्रेस और भाजपा के भ्रष्टाचार से रक्षा सौदे तक अछूते नहीं। चौकीदारी की नाटकबाजी भी भाजपा को नहीं बचा पाएगी।
  • इनके छोटे-बड़े चौकीदार कुछ भी कर लें कुछ नहीं कर पाएंगे 

दरअसल सपा और बसपा 90 के दशक के बाद फिर से साथ आए हैं। अरसे बाद सपा-बसपा ने हाथ मिलाया और मंच भी साझा किया, लेकिन अब तक संयुक्त जनसभा को संबोधित नहीं किया था। पहली बार महागठबंधन के तीनों दलों के प्रमुख नेता एक मंच पर मौजूद रहे। देवबन्द की यह रैली जामिया तिब्बिया मेडिकल कॉलेज के पास आयोजित की गई। बता दें कि सहारनपुर के देवबंद में पहले चरण में 11 अप्रैल को चुनाव होने हैं। 

सपा प्रवक्ता के मुताबिक, एसपी-बीएसपी-आरएलडी के महागठबंधन से राजनीति में नई लहर पैदा हुई है। अखिलेश यादव का मानना है, विचारधारा पर आधारित इस महागठबंधन के प्रति जनता में बढ़ते रूझान से बीजेपी में घबराहट और बौखलाहट है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 80 सीटों पर बीएसपी- समाजवादी पार्टी और आरएलडी पहली बार महागठबंधन बनाकर चुनाव लड़ रही हैं। 

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