शिक्षा मंत्रालय की नई पहल : इनोवेटर्स के लिए खास मंच

January 10th, 2022

हाईलाइट

  • 10-16 जनवरी 2022 तक राष्ट्रीय नवाचार सप्ताह का आयोजन किया जाएगा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। शिक्षा मंत्रालय द्वारा 10 जनवरी से राष्ट्रीय नवाचार प्रतियोगिता, स्मार्ट इंडिया हैकथॉन, युक्ति 2.0 और टॉयकैथॉन जैसे विभिन्न कार्यक्रमों से चुनी गई 75 नवीन प्रौद्योगिकियां ई-प्रदर्शनी की जाएंगी।

प्रगतिशील भारत के 75वें वर्ष का उत्सव आजादी का अमृत महोत्सव मनाने के लिए शिक्षा मंत्रालय, एआईसीटीई और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय संयुक्त रूप से 10-16 जनवरी 2022 तक राष्ट्रीय नवाचार सप्ताह का आयोजन कर रहे हैं।

यह नवाचार सप्ताह भारत में अभिनवता और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता फैलाने के लिए इन एजेंसियों द्वारा की गई विभिन्न पहलों को प्रमुखता से सामने लाएगा।

शिक्षा मंत्रालय द्वारा 11 और 12 जनवरी 2022 को शैक्षणिक संस्थानों में नवाचारी पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण पर 2 दिवसीय ई-संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। ई-संगोष्ठी में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान शामिल होंगे।

इस कार्यक्रम का आयोजन वर्चुअल रूप से किया जाएगा और इसमें शैक्षणिक संस्थानों, स्कूलों, उद्योग, स्टार्ट-अप्स और निवेशक समुदाय की व्यापक भागीदारी रहेगी।

अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के अध्यक्ष प्रोफेसर अनिल डी सहस्रबुद्धे ने कहा, नवाचार सप्ताह युवा इनोवेटर्स (नवप्रवर्तकों) को रचनात्मक विचारों के माध्यम से समाज के सामने आने वाली समस्याओं का समाधान करने और आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरणा प्रदान करेगा।

प्रस्तावित संगोष्ठी में निवेश, मेंटरिंग आदि जैसी नवाचार प्रणाली बनाने के प्रमुख पहलुओं पर प्रकाश डाला गया है और हमें विश्वास है कि यह संगोष्ठी हमारे शैक्षणिक संस्थानों को अपने परिसरों के भीतर अभिनव पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहित करेगी।

भारत में स्टार्ट-अप्स की संख्या में लगातार वृद्धि को देखते हुए, समग्र अभिनव संस्कृति के निर्माण के लिए समेकित प्रयास, भारत के माननीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परिकल्पित आत्मनिर्भर भारत और 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का मार्ग प्रशस्त करेंगे।

शिक्षा मंत्रालय द्वारा 10 जनवरी से आयोजित राष्ट्रीय नवाचार प्रतियोगिता, स्मार्ट इंडिया हैकथॉन, युक्ति 2.0 और टॉयकैथॉन जैसे विभिन्न कार्यक्रमों से चुनी गई 75 नवीन प्रौद्योगिकियां ई-प्रदर्शनी में शामिल की जाएंगी और ये अपने नवाचारों का प्रदर्शन करेंगी।

शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल के प्रमुख नवाचार अधिकारी, डॉ. अभय जेरे ने कहा, नवाचार सप्ताह (इनोवेशन वीक) सभी इनोवेटर्स के लिए अपने काम को प्रदर्शित करने और युवा दिमाग को अपनी उद्यमशीलता के सफर को और अधिक गंभीरता से लेने के लिए प्रेरित करने का एक अवसर है, ताकि भारत एक वैश्विक नवाचार और स्टार्ट-अप हब के रूप में उभर सके।

नवाचार प्रकोष्ठ (इनोवेशन सेल) के रूप में, हम बहु नवाचार, उद्यमशीलता से संबंधित पहलों की शुरुआत कर रहे हैं और इस संगोष्ठी के माध्यम से हम अपने शैक्षणिक संस्थानों को अपने साथ मिलकर काम करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहेंगे, ताकि कैंपस के अंदर एक स्थायी पारिस्थितिकी तंत्र की स्थापना हो सके।

उद्योग जगत के प्रख्यात अग्रणी, उभरते हुए यूनिकॉर्न संस्थापक, निवेशक और नीति निमार्ता नवाचार और स्टार्ट-अप के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार और दृष्टिकोण सांझा करने के लिए प्रमुख वक्ताओं और पैनलिस्ट के रूप में शामिल होंगे।

शुरुआती चरण के स्टार्ट-अप संस्थापकों में से चुनींदा पैनलिस्ट और छात्र नवप्रवर्तनकर्ताओं वाले विशेष पैनल सत्र आयोजित किए जाएंगे जो स्कूली बच्चों और युवाओं को नवाचार एवं उद्यमिता को कॅरियर विकल्प के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे।

कार्यक्रम का उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों में नवाचार और स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र के भागीदारों को संवेदनशील बनाना और आकर्षित करना है।

(आएएनएस)

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