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दिल्ली एयरपोर्ट पर संदिग्ध बैग में नहीं मिला RDX, रखे थे खिलौने और चॉकलेट

November 02nd, 2019 07:59 IST
दिल्ली एयरपोर्ट पर संदिग्ध बैग में नहीं मिला RDX, रखे थे खिलौने और चॉकलेट

हाईलाइट

  • इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर संदिग्ध बैग मिलने से हड़कंप, घटनास्थल पर पहुंचा अफसरों का हुजूम
  • बैग को सीआईएसएफ के सुरक्षाकर्मियों ने डॉग की मदद से टी-3 टर्मिनल पर पकड़ा है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआई एयरपोर्ट) से मिले लावारिस बैग में आरडीएक्स नहीं मिला। जांच में बैग में कपड़े, खिलौने और चॉकलेट मिले हैं। इस लावारिस बैग की वजह से एयरपोर्ट पर हड़कंप मच गया था और RDX होने का शक जताया गया था। इसके बाद एयरपोर्ट की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई थी।

आईजीआई एयरपोर्ट पर मध्य रात्रि (शुक्रवार की रात) के बाद करीब एक बजे के आसपास संदिग्ध बैग मिलने से हड़कंप मच गया था। बैग को सीआईएसएफ के सुरक्षाकर्मियों ने डॉग की मदद से टी-3 टर्मिनल पर पकड़ा था। सूचना मिलते ही मौके पर बम निरोधक दस्ते सहित तमाम सुरक्षा और जांच एजेंसियों के आला अफसरान पहुंच गए थे। 

बैग फोर्सकोर्ट एराइवल एरिया में मिला था। काले रंग के बैग के अंदर आरडीएक्स होने की आशंका जताई जा रही थी। सीआईएएसएफ के एक उच्च पदस्थ सूत्र ने आईएएनएस को बताया था कि बैग को सीआईएसएफ के विशेष-डॉग ने पकड़ा है। इसके बाद इंटरनेशनल प्रोटोकॉल के मद्देनजर बैग को 24 घंटे के लिए कूलेंट बैग (कूलिंग पिट) में रखकर उसकी गहराई से जांच शुरू की गई। कूलेंट बैग किसी भी विस्फोटक को ठंडा करके उसकी ताकत को कम करने का काम करता है।

सीआईएसएफ (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) के हवाई अड्डे पर मौजूद एक सूत्र ने आईएएनएस से कहा था, काले रंग का संदिग्ध बैग एराइवल एरिया में जिस पिलर नंबर-4 के पास मिला, उस इलाके को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। बैग पर सबसे पहले नजर सीआईएसएफ के सिपाही वी.के. सिंह की पड़ी थी। बैग में विस्फोटक होने की संभावना से उसके पास कोई नहीं गया। तुरंत पुष्टि के लिए मौके पर डॉग-स्क्वॉड बुलाया गया। विस्फोटक तलाशने के विशेषज्ञ गाइड नाम के डॉग ने भी बैग को संदिग्ध करार दिया, तब मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया गया।

सीआईएसएफ सूत्रों के ने कहा था, बैग को सूंघने के बाद डॉग से जिस तरह के इशारे मिले थे। सीआईएसएफ प्रवक्ता सहायक महानिरीक्षक हेमेंद्र सिंह ने आईएएनएस को शुक्रवार को बताया था, बैग को एक खास किस्म के कंटेनर में कूलिंग-किट में बंद करके रखा गया है। 24 घंटे बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है। फिलहाल सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि बैग के मालिक तक पहुंचने की कोशिशें तेज की जा सकें।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।