दैनिक भास्कर हिंदी: सुनंदा पुष्कर मामला: शशि थरूर को जमानत, स्वामी बोले- मौत का हो फेयर ट्रायल

July 7th, 2018

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुनंदा पुष्कर की मौत के मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर को शनिवार को जमानत दे दी गई। सुनवाई के दौरान शशि थरूर के वकील और पब्लिक प्राग्जीक्यूटर ने बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी की उस याचिका का विरोध किया जिसमें उन्होंने इस केस में मदद करने की बात कही थी। थरूर की जमानत के बाद सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि वह बस सुनंदा पुष्कर की मौत का एक फेयर ट्रायल चाहते हैं और कुछ नहीं। बता दें कि सुनंदा पुष्कर कांग्रेस नेता शशि थरूर की पत्नी थी। वह 17 जनवरी, 2014 को दिल्ली के एक फाइव स्टार में मृत पाई गई थी, जिसमें उनके पति शशि थरूर को आरोपी करार दिया गया था।

इस मामले में शनिवार को शशि थरूर दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में उपस्थित हुए। सुब्रमण्यम स्वामी भी वहीं मौजूद थे। सुनवाई के दौरान पब्लिक प्रॉग्जिक्यूटर और शशि थरूर के वकील ने सुब्रमण्यम स्वामी के मौजूदगी का विरोध किया। स्वामी के लोकस स्टैंडी पर सवाल उठाते हुए पब्लिक प्रॉग्जिक्यूटर ने स्वामी के उस एप्लिकेशन का विरोध किया जिसमें उन्होंने कोर्ट से इस मामले में प्रॉग्जिक्यूटर के तौर पर इंटरफेयर करने की परमिशन मांगी थी। साथ ही उनके इस मामले में बार-बार हस्तक्षेप करने पर भी सवाल उठाया था।

इस बारे में मीडिया से बातचीत के दौरान स्वामी ने कहा कि जो आर्ग्यूमेंट्स कोर्ट में मेरे लोकस स्टैंडी को लेकर विपक्षी वकीलों द्वारा कहीं गई, वह बिलकुल ही निराधार और चीप है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस और आरोपी के वकील ने मुझसे कहा कि मेरी पोजिशन मेंटेनेबल नहीं है। जिसपर मैंने तर्क देते हुए कहा कि सेक्शन 302 CrPc के तहत मैं इसके लिए लाइबल हूं। मेरा एकमात्र उद्देश्य सुनंदा पुष्कर को इंसाफ दिलाना और यह भी देखना था कि दिल्ली पुलिस इस केस से जुड़े किसी भी सबूत से कोई छेड़छाड़ न करे।

शनिवार को शशि थरूर को बेल देते हुए पटियाला हाउस कोर्ट के जज ने कहा कि फॉर्मल बेल के लिए अप्लाई करने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि सेशन कोर्ट द्वारा एंटीसिपेटरी बेल पहले ही दी जा चुकी है। इस मामले में 26 जुलाई को अगली सुनवाई होगी। दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट में थरूर को आत्महत्या के लिए उकसाने और पत्नी के साथ क्रूरता बरतने का आरोपी बनाया है। शशि थरूर ने कोर्ट में फेयर ट्रायल के लिए एक आवेदन भी दिया था जिसमें कहा गया था कि पुलिस की चार्जशीट की कॉपी किसी तिसरे व्यक्ति को न दी जाए। जिसके बाद कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया।

 



गौरतलब है कि सुनंदा पुष्कर मर्डर केस में 14 मई को दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में एक चार्जशीट फाइल की थी, जिसमें उन्होंने थरूर को इंडियन पीनल कोड (IPC) के सेक्शन 306 (abetment of suicide) और सेक्शन 498A (husband or relative of husband of a woman subjecting her to cruelty) के तहत आरोपी बनाया था। इसके बाद 5 जूलाई को सेशन कोर्ट ने थरूर को एक लाख रुपये की गारंटी पर एंटीसिपेटरी बेल दी थी। साथ-साथ यह शर्त भी रखी थी कि वह अदालत की अनुमति के बिना विदेश यात्रा नहीं कर सकते और न ही वह सबूत और गवाहों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं।